Moradabad News: उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया है। एक दलित महिला ने आरोप लगाया है कि जिन लोगों के साथ उसके परिवार के वर्षों से अच्छे संबंध थे, उन्हीं लोगों ने उसे धोखे से घर बुलाकर बंधक बना लिया और जबरन धर्म परिवर्तन कराने की कोशिश की। पीड़िता की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार महिला की तहरीर पर कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। शुरुआती जांच के बाद मुख्य आरोपी दंपत्ति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। घटना सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भी काफी नाराजगी देखने को मिल रही है।
महिला का आरोप- घर बुलाकर बनाया दबाव
पीड़िता का कहना है कि उसका आरोपी परिवार के साथ पिछले कई वर्षों से परिचय था। दोनों परिवारों के बीच सामान्य पारिवारिक संबंध थे और एक-दूसरे के घर आना-जाना भी था। महिला के मुताबिक कुछ दिन पहले उसे एक बहाने से आरोपी के घर बुलाया गया। वहां पहुंचने के बाद माहौल बदल गया और उसे बाहर जाने नहीं दिया गया। महिला ने आरोप लगाया कि उसके ऊपर धर्म बदलने और निकाह करने का दबाव बनाया गया। उसने विरोध किया तो उसे डराया-धमकाया गया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया और कई दिनों तक दबाव में रखा गया। किसी तरह मौका मिलने पर वह वहां से निकली और अपने परिवार को पूरी जानकारी दी।
शिकायत मिलते ही पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। अधिकारियों के अनुसार महिला की शिकायत के आधार पर अपहरण, धमकी, छेड़छाड़, बंधक बनाने, जबरन धर्म परिवर्तन कराने और एससी/एसटी एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने मुख्य आरोपी पति-पत्नी को हिरासत में लेकर पूछताछ की और बाद में उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जांच एजेंसियां अब घटना से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाल रही हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है।
फरार आरोपियों की तलाश, सुरक्षा का भरोसा
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मामले में नामजद किए गए मौलवी और दो अन्य संदिग्ध अभी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमों को लगाया गया है। वहीं पीड़िता और उसके परिवार की सुरक्षा को भी ध्यान में रखा जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिकता है और पीड़ित पक्ष को हर संभव सहायता दी जाएगी। इस घटना के बाद इलाके में लोगों के बीच कई सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल पुलिस साक्ष्य जुटाने, गवाहों के बयान दर्ज करने और पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाने में जुटी हुई है। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।
