दिल्ली के प्रहलादपुर इलाके में रविवार रात एक भयावह घटना सामने आई, जिसने पूरे मोहल्ले को दहला दिया। जानकारी के अनुसार, सुरेश नामक एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी पूनम पर कथित तौर पर गहरी शंका और व्यक्तिगत विवाद के चलते हमला किया। पड़ोसियों के मुताबिक, सुरेश ने पूनम के सिर और रीढ़ की हड्डी पर बार-बार गैस सिलेंडर से वार किए। इस हमले के दौरान उनके घर में उनकी डेढ़ साल की बच्ची भी मौजूद थी। महिला को गंभीर चोटें लगीं और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
पड़ोसियों ने बताया कि यह दंपती हाल ही में DDA आवास में आया था और वहां उन्हें केवल एक महीना ही हुआ था। उनके बीच पहले भी विवादों की बात सामने आई थी, लेकिन पड़ोसियों ने कभी गंभीर झगड़े या हिंसा की आवाजें नहीं सुनी थीं। यह घटना रात लगभग 9:30 बजे हुई, जब महिला की चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी मदद के लिए बाहर आए। उन्होंने देखा कि घर का दरवाजा बंद था और महिला दरवाजे के अंदर फंसी हुई थी। मकान मालिक की मदद से दरवाजा खोला गया तो घर के अंदर पूनम की लाश और पास में पड़ा सिलेंडर दिखाई दिया।
पुलिस ने मौके पर की कार्रवाई
दिल्ली घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आरोपी सुरेश को हिरासत में लिया। पड़ोसियों ने बताया कि सुरेश बच्ची को गोद में लेकर बैठा था और पुलिस के आने तक वहीं मौजूद रहा। बच्ची फिलहाल पड़ोसियों के पास सुरक्षित है, और पुलिस उसके परिजनों के आने का इंतजार कर रही है। मृतका का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
दिल्ली पुलिस अधिकारीयों ने बताया कि इस मामले में आरोपी की मानसिक स्थिति और पति-पत्नी के बीच विवादों की जांच की जा रही है। साथ ही, यह भी पता लगाया जा रहा है कि क्या यह वारदात अचानक हुई या इसके पीछे पहले से कोई योजना थी। पुलिस मामले में हत्या और परिवार में घरेलू हिंसा के संदिग्ध पहलुओं पर भी ध्यान दे रही है।
पड़ोसियों ने सुनाई घटना की भयावह कहानी
एक अन्य बुजुर्ग पड़ोसी ने बताया कि उन्हें रात में महिला की जोर-जोर से चीखने की आवाज सुनाई दी थी। महिला चिल्ला रही थी “बचाओ…बचाओ…”, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद होने के कारण वे अंदर नहीं जा पाए। जब मकान मालिक की मदद से दरवाजा खोला गया, तो पूरा दृश्य बेहद डरावना था। महिला की लाश जमीन पर पड़ी थी और पास ही सिलेंडर रखा हुआ था। इसके अलावा, आरोपी पति वहीं बच्ची के साथ बैठा था।
पड़ोसियों ने कहा कि यह पहली बार था जब उन्हें इस दंपती के घर से ऐसी जोरदार चीखें सुनाई दीं। इससे पता चलता है कि सामान्य घरेलू विवाद इस खतरनाक स्तर तक पहुँच गया था। पड़ोसियों का कहना है कि सुरेश अपनी पत्नी पर शक करता था और इसी शक ने इस हत्या को जन्म दिया।
सुरक्षा और सामाजिक संदेश
दिल्ली घटना ने एक बार फिर घरेलू हिंसा और घरेलू विवादों पर समाज का ध्यान खींचा है। विशेषज्ञ कहते हैं कि पति-पत्नी के बीच उत्पन्न असहज परिस्थितियों और संदेह ने कभी-कभी भयावह परिणाम दे सकते हैं। यह भी बताया गया कि परिवार में बच्चों की सुरक्षा के लिए पड़ोसियों और सामाजिक संस्थाओं को भी सतर्क रहना चाहिए। पुलिस ने कहा कि यह मामला गंभीर है और आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई तेज़ी से की जाएगी। साथ ही, परिवार और आसपास के लोगों को मानसिक और भावनात्मक सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है। डेढ़ साल की बच्ची की सुरक्षा के लिए स्थानीय प्रशासन ने भी तुरंत कदम उठाए हैं।
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