शारदीय नवरात्र की महानवमी के अवसर पर गोरखपुर स्थित गोरखनाथ मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरक्षपीठाधीश्वर के रूप में पारंपरिक तरीके से कन्या पूजन किया। इस दौरान उन्होंने छोटी कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनकी पूजा की। मंदिर परिसर में इस धार्मिक कार्यक्रम के दौरान भक्ति और श्रद्धा का माहौल दिखाई दिया। नवरात्र की नवमी को मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की आराधना की जाती है। इसी अवसर पर श्रद्धालु घरों और मंदिरों में पूजा-पाठ कर सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।
कन्याओं के पैर धोए, तिलक लगाया और अपने हाथों से कराया भोजन
कन्या पूजन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सबसे पहले कन्याओं के चरण पखारे। इसके बाद उनके माथे पर तिलक लगाकर विधि-विधान से पूजा की। धार्मिक परंपरा में कन्याओं को देवी का रूप माना जाता है और नवरात्र के दौरान उनका पूजन विशेष महत्व रखता है। पूजा पूरी होने के बाद मुख्यमंत्री ने अपने हाथों से कन्याओं को भोजन परोसा। इसके साथ ही उन्हें उपहार भी दिए। इस अनुष्ठान के जरिए श्रद्धा, सेवा और कन्याओं के सम्मान का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में गोरखनाथ मंदिर की परंपराओं की झलक भी देखने को मिली।
गोरक्षपीठ की पुरानी परंपरा से जुड़ा है कन्या पूजन
गोरखनाथ मंदिर में नवरात्र के दौरान कन्या पूजन की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हर साल इस धार्मिक आयोजन में शामिल होकर मां भगवती की आराधना करते हैं। महानवमी के दिन उत्तर प्रदेश के कई मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालु दर्शन और पूजा के लिए पहुंचते हैं। कई परिवार इस दिन कन्या पूजन कर उन्हें भोजन कराते हैं और सामर्थ्य के अनुसार उपहार देते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस पूजा के माध्यम से मां दुर्गा के प्रति आस्था प्रकट की जाती है। गोरखनाथ मंदिर में हुए इस आयोजन ने नवरात्र के अंतिम दिनों के भक्तिमय माहौल को और खास बना दिया।
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