लखनऊ के शिवा शर्मा हत्याकांड में मुख्य आरोपी बताई जा रही श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मीडिया के सामने आने और बयान देने के बाद उसके दोबारा गायब होने की खबर से पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। मामले में लापरवाही को लेकर विभागीय कार्रवाई भी शुरू हो गई है। सबसे पहले संबंधित थाने के इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर किया गया। इसके बाद लखनऊ सेंट्रल के डीसीपी विक्रांत वीर को हटाकर उनकी जगह डीसीपी ट्रैफिक अर्पित विजयवर्गीय को जिम्मेदारी दी गई। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों से साफ है कि पुलिस महकमा मामले को लेकर दबाव में है।
ACP हजरतगंज भी हटाए गए, पुलिस विभाग में फेरबदल जारी
श्रद्धा दुबे की तलाश के बीच पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा ने एसीपी हजरतगंज रजनीश वर्मा को भी उनके पद से हटा दिया। उनकी जगह एसीपी कैसरबाग रहे अभिषेक पांडेय को हजरतगंज की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, रजनीश वर्मा को एसीपी क्राइम बनाया गया है। बताया जा रहा है कि वह नई जिम्मेदारी के साथ इस मामले की जांच से जुड़े काम भी देख सकते हैं। खबरों के मुताबिक, आने वाले समय में कुछ अन्य पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, आगे किस अधिकारी पर कदम उठाया जाएगा, इसे लेकर अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं है।
बहराइच से नेपाल और फिर गोरखपुर तक पहुंचने की चर्चा
मिली जानकारी के अनुसार, कारोबारी शिवा शर्मा की हत्या के बाद से श्रद्धा दुबे अपनी बहन और ड्राइवर के साथ पुलिस से बचती रही है। बताया जाता है कि वह लखनऊ से निकलकर बहराइच पहुंची और फिर नेपाल चली गई। पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी, इसी बीच उसके गोरखपुर आने की बात भी सामने आई। इसके बाद लखनऊ में मीडिया से बातचीत करने और फिर गायब होने की खबर ने मामले को और गंभीर बना दिया। सोशल मीडिया पर सामने आ रहे वीडियो के कारण पुलिस की चुनौती बढ़ती दिखाई दे रही है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर श्रद्धा दुबे कब गिरफ्तार होगी और इस मामले में आगे कितने अधिकारियों पर कार्रवाई होगी।
