पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के दूसरे चरण में मतदान ने सुबह से ही रफ्तार पकड़ ली और 11 बजे तक करीब 40 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई। लंबी कतारों में खड़े मतदाता इस बार के चुनाव को लेकर खासे उत्साहित नजर आए। कोलकाता सहित छह जिलों—नदिया, पूर्व बर्धमान, हुगली, उत्तर और दक्षिण 24 परगना तथा हावड़ा—की 142 सीटों पर वोट डाले जा रहे हैं। इस चरण में 3.21 करोड़ से अधिक मतदाता 1,400 से ज्यादा उम्मीदवारों की किस्मत तय कर रहे हैं। पहले चरण में रिकॉर्ड 93 प्रतिशत से अधिक मतदान के बाद दूसरे चरण में भी भारी मतदान की उम्मीद जताई जा रही है, जिससे चुनावी मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।
हिंसा और गड़बड़ी के आरोपों ने बढ़ाई चिंता
पश्चिम बंगाल चुनाव 2026 मतदान के बीच कई इलाकों से हिंसा और गड़बड़ी की खबरें सामने आई हैं, जिससे चुनावी माहौल तनावपूर्ण हो गया है। पानिहाटी सीट के एक मतदान केंद्र पर ईवीएम में भाजपा के चुनाव चिन्ह पर स्याही लगे होने का आरोप लगा, जिसके चलते कुछ समय के लिए मतदान प्रभावित हुआ। स्थानीय मतदाताओं को लगभग एक घंटे तक इंतजार करना पड़ा। बाद में सैनिटाइजर से स्याही साफ की गई और मतदान फिर से शुरू हुआ। इस दौरान वहां राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस और हंगामा भी हुआ। भाजपा उम्मीदवार ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ सुनियोजित तरीके से माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई, जबकि दूसरी ओर स्थानीय प्रशासन स्थिति को नियंत्रण में रखने में जुटा रहा।
चुनाव आयोग सख्त, दोबारा मतदान की चेतावनी
इन घटनाओं के बीच चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी तरह की छेड़छाड़ या गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। आयोग ने कहा है कि अगर ईवीएम से छेड़छाड़ या बटन को नुकसान पहुंचाने की शिकायत सही पाई जाती है, तो संबंधित बूथ पर पुनः मतदान कराया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए केंद्रीय बलों की 2,400 से अधिक कंपनियां तैनात की गई हैं, साथ ही राज्य पुलिस और कोलकाता पुलिस भी मुस्तैदी से ड्यूटी पर हैं। सभी मतदान केंद्रों पर वेबकास्टिंग की व्यवस्था की गई है ताकि हर गतिविधि पर नजर रखी जा सके और किसी भी विवाद की स्थिति में तुरंत कार्रवाई हो सके।
सियासी बयानबाजी तेज
चुनाव के इस चरण में सियासी बयानबाजी भी चरम पर पहुंच गई है। कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि बंगाल में पूरी तरह हिंसामुक्त चुनाव की उम्मीद करना मुश्किल है और राज्य की मौजूदा सरकार दबाव में नजर आ रही है। वहीं, सबसे ज्यादा ध्यान भवानीपुर सीट पर है, जहां मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और विपक्षी नेता सुवेंदु अधिकारी आमने-सामने हैं। यह मुकाबला काफी हद तक 2021 के नंदीग्राम चुनाव जैसा माना जा रहा है। अब सभी की नजरें 4 मई को होने वाली मतगणना पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि बंगाल की सत्ता किसके हाथ में जाएगी।
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