जम्मू-कश्मीर विधानसभा में शुक्रवार, 27 मार्च को बजट सत्र के पहले ही दिन हंगामा मच गया। नेशनल कांफ्रेंस (NC) और पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) के विधायक ‘इजरायल मुर्दाबाद’ के नारे लगाते नजर आए, जबकि ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर खामेनेई के बैनर भी सदन में लहराए गए। इस बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायकों ने नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी को लेकर प्रदर्शन किया और भारत माता की जय तथा वंदे मातरम के नारे लगाए। सदन में स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि मार्शल बुलाने की जरूरत पड़ गई।
पोस्टर, काले कपड़े और नारेबाजी
हंगामे के दौरान विपक्षी विधायकों ने काले कपड़े पहनकर अपने विरोध को दिखाया। नेशनल कांफ्रेंस के तनवीर सादिक और अन्य विधायकों ने माथे पर संदेश लिखे और खामेनेई की तस्वीरों के साथ प्रदर्शन किया। दूसरी ओर BJP के विधायक ‘जम्मू को इंसाफ दो’ और नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी को लेकर मांग रखते नजर आए। कुछ निर्दलीय विधायकों ने भी अमेरिका और इजरायल के खिलाफ नारेबाजी में हिस्सा लिया।
मार्शल बुलाने के बाद स्थगित हुई कार्यवाही
सदन में हंगामा इतना बढ़ गया कि प्रशासन को 20-25 मिनट के बाद आधे घंटे के लिए विधानसभा स्थगित करनी पड़ी। मार्शल को बुलाकर सदन में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। विधायक आमने-सामने आ गए और नरेंद्र मोदी व राहुल गांधी के नारे लगाने लगे। विवाद इतना बढ़ गया कि मार्शल और सदन अध्यक्ष के बीच हस्तक्षेप के बिना स्थिति हाथापाई तक पहुंच सकती थी।
राजनीतिक और कूटनीतिक संदेश के बीच तनाव
इस हंगामे ने यह दिखाया कि जम्मू-कश्मीर विधानसभा में राजनीतिक दल स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों को लेकर खुलकर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। एनसी और पीडीपी के विधायकों द्वारा इजरायल और अमेरिका के खिलाफ नारेबाजी के साथ-साथ BJP-कांग्रेस के नेताओं का आमना-सामना दर्शाता है कि सदन में तालमेल बनाए रखना चुनौतीपूर्ण हो गया है। बजट सत्र की यह शुरुआत राजनीतिक और कूटनीतिक संदेश दोनों के बीच तनाव को उजागर करती है।
