बिहार के औरंगाबाद जिले के कुटुंबा थाना क्षेत्र में सातवीं कक्षा में पढ़ने वाली नाबालिग छात्रा के साथ गैंगरेप का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता के मुताबिक, वह अपनी मां और बीमार छोटे भाई के इलाज के लिए अस्पताल जा रही थी। रास्ते में करीब एक किलोमीटर दूर एक कार उसके पास आकर रुकी। कार में तीन युवक सवार थे। आरोप है कि युवकों ने पहले उससे अस्पताल जाने की वजह पूछी और इसके बाद जबरन उसे कार में बैठा लिया। पीड़िता का फोन भी छीन लिया गया और शोर मचाने पर उसका मुंह बंद करने की कोशिश की गई। इसके बाद आरोपी उसे अंबा बाजार से एनएच-139 होते हुए शंकरपुर आरओबी के पास धावा गांव जाने वाले रास्ते की तरफ ले गए।
सुनसान जगह पर ले जाकर यौन हिंसा का आरोप
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि आरोपियों ने सुनसान जगह पर उसके साथ मारपीट और यौन हिंसा की। इसी दौरान उसने आरोपियों को कथित तौर पर उसकी हत्या की बात करते हुए सुना। डर के कारण पीड़िता ने अपनी जान बचाने की गुहार लगाई और आरोपियों से कहा कि वे जहां बुलाएंगे, वह वहां आने के लिए तैयार रहेगी। इसके बाद आरोपी उसे घर से करीब डेढ़ किलोमीटर पहले सड़क पर छोड़कर भाग गए। जाते समय उन्होंने उसका मोबाइल वापस कर दिया। पीड़िता ने घर पहुंचकर अपने दादा-दादी को फोन किया और पूरी घटना बताई। बाद में माता-पिता के साथ कुटुंबा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई गई। फिलहाल पीड़िता को इलाज के लिए औरंगाबाद सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
ऑडियो ने बढ़ाया मामला का रहस्य, दो आरोपी गिरफ्तार
पीड़िता के परिवार ने पुलिस को एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सौंपी है। परिजनों का दावा है कि यह रिकॉर्डिंग पीड़िता के मोबाइल से कार के अंदर हुई थी। इसमें भोजपुरी गाना बजने के साथ एक आरोपी द्वारा कथित तौर पर पहले 21 लड़कियों को अपना शिकार बनाने की बात कही जा रही है। हालांकि, ऑडियो की सत्यता और उसमें कही गई बातों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए औरंगाबाद एसपी उपेंद्रनाथ वर्मा के निर्देश पर एसआईटी गठित की गई है। पुलिस ने तीन आरोपियों में से दो को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरे आरोपी की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस पीड़िता के बयान, मेडिकल जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
