पाकिस्तान और भारत के बीच जारी तनाव का असर अब भी आसमान पर साफ दिखाई दे रहा है। पाकिस्तान ने भारतीय विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को 24 जनवरी 2026 तक बंद रखने का फैसला किया है। इस फैसले के साथ ही भारतीय विमानों पर लगाया गया एयरस्पेस बैन कुल 210 दिनों का हो गया है। अप्रैल में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के रिश्तों में आई तल्खी अब तक कम नहीं हुई है। उसी समय से दोनों देशों ने एक-दूसरे के विमानों के लिए अपने-अपने हवाई क्षेत्र बंद कर दिए थे। अब पाकिस्तान सरकार ने इस प्रतिबंध को एक बार फिर आगे बढ़ाकर साफ कर दिया है कि फिलहाल किसी तरह की ढील देने के मूड में वह नहीं है।
NOTAM जारी, कमर्शियल से लेकर मिलिट्री उड़ानों पर रोक
पाकिस्तान एयरपोर्ट्स अथॉरिटी की ओर से बुधवार को एक नया NOTAM यानी पायलटों के लिए नोटिस जारी किया गया है। इस नोटिस के मुताबिक 16 दिसंबर 2025 से लेकर 24 जनवरी 2026 (पाकिस्तान समयानुसार) तक यह प्रतिबंध लागू रहेगा। इस दौरान भारत में रजिस्टर्ड कोई भी कमर्शियल विमान, चार्टर्ड फ्लाइट या सैन्य विमान पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। यह बैन सिर्फ भारत के स्वामित्व वाले विमानों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन विमानों पर भी लागू होगा जो भारत द्वारा लीज पर लिए गए हैं या जिनका संचालन भारतीय एजेंसियां कर रही हैं। पाकिस्तान का कहना है कि यह फैसला पहले से लागू प्रतिबंध का ही विस्तार है, जिसे सुरक्षा कारणों से लगातार जारी रखा गया है।
आतंकी हमले के बाद से नहीं सुधरे हालात
अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव काफी बढ़ गया था। इस हमले के बाद दोनों देशों ने एक-दूसरे के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए, जिनमें हवाई क्षेत्र बंद करना भी शामिल था। पाकिस्तान की मौजूदा शहबाज शरीफ सरकार का कहना है कि जब तक हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाते, तब तक ऐसे प्रतिबंधों को हटाने पर विचार नहीं किया जा सकता। पाकिस्तान का दावा है कि यह कदम उसकी राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। वहीं भारत की ओर से भी पाकिस्तान के विमानों के लिए भारतीय एयरस्पेस बंद रखा गया है। ऐसे में दोनों देशों के बीच सीधी हवाई आवाजाही पूरी तरह ठप पड़ी है और इसका असर अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर भी पड़ रहा है।
एयरलाइंस और यात्रियों पर पड़ रहा सीधा असर
भारतीय विमानों के लिए पाकिस्तानी हवाई क्षेत्र बंद रहने से एयरलाइंस को लंबा रास्ता अपनाना पड़ रहा है। इससे उड़ानों का समय बढ़ रहा है और ईंधन की खपत भी ज्यादा हो रही है, जिसका सीधा असर टिकट की कीमतों पर पड़ता है। खासकर यूरोप, मध्य एशिया और अमेरिका जाने वाली उड़ानों को अतिरिक्त समय और खर्च का सामना करना पड़ रहा है। एविएशन एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर यह बैन और लंबा चलता है तो भारतीय एयरलाइंस पर आर्थिक दबाव और बढ़ सकता है। वहीं यात्रियों को भी लंबे सफर और महंगे टिकटों के लिए तैयार रहना होगा। फिलहाल नए NOTAM के बाद यह साफ हो गया है कि जनवरी के आखिर तक भी भारत-पाक के बीच आसमान खुलने की उम्मीद बेहद कम है।
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