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तीसरे विश्वयुद्ध की दस्तक? अमेरिका के हमलों से दहला ईरान, तो कुवैत-बहरीन में US ठिकानों को कर दिया धुआं-धुआं… बंद हुआ होर्मुज!

पश्चिम एशिया में युद्ध के बादल! अमेरिका के हवाई हमलों के जवाब में ईरान ने कुवैत और बहरीन में 18 अमेरिकी ठिकानों को दहलाया। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद होने से दुनिया भर में तेल संकट का खतरा।

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पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) इस समय बारूद के ढेर पर बैठा नजर आ रहा है और स्थिति पल-पल बिगड़ती जा रही है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) द्वारा ईरान के भीतर लगातार दूसरे दिन की गई भीषण हवाई हमलों (एयरस्ट्राइक) ने आग में घी डालने का काम किया है। अमेरिकी सेना ने भले ही इन हमलों को “आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई” करार दिया हो, लेकिन ईरान इसे बर्दाश्त करने के मूड में बिल्कुल नहीं है। ईरानी मीडिया के अनुसार, अमेरिकी बमबारी के दौरान देश के दक्षिणी हिस्सों और पश्चिमी तेहरान में आसमान हिला देने वाले विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं, जिसके बाद ईरान के एयर डिफेंस सिस्टम को भी हाई अलर्ट पर एक्टिव कर दिया गया। लेकिन असली धमाका तब हुआ जब ईरान की एलीट फोर्स आईआरजीसी ने इस कार्रवाई का बेहद खौफनाक और सीधा जवाब अमेरिका को दिया।

कुवैत और बहरीन थर्राए: 18 अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भीषण हमला

अमेरिका के इस दुस्साहस का जवाब देते हुए ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने एक ऐसा कदम उठाया जिसने पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चौंका दिया है। ईरान ने दावा किया है कि उसकी एयरोस्पेस और नौसेना इकाइयों ने दो चरणों में जवाबी कार्रवाई करते हुए कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सेना के 18 महत्वपूर्ण ठिकानों को पूरी तरह से निशाना बनाया और उन्हें धुआं-धुआं कर दिया। इस हमले की जद में कुवैत के प्रसिद्ध अली अल-सलेम और अहमद अल-जाबेर एयर बेस के साथ-साथ बहरीन का शेख ईसा एयर बेस भी आया है, जहां अमेरिकी सैनिकों की भारी मौजूदगी रहती है। ईरान की इस अप्रत्याशित और आक्रामक सैन्य कार्रवाई के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई है और अमेरिकी कैंपों में भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ताला: वैश्विक अर्थव्यवस्था पर सबसे बड़ा संकट

इस सैन्य टकराव का सबसे घातक असर दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण व्यापारिक जलमार्ग ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ पर पड़ा है। अमेरिकी हमलों से बौखलाए ईरान के शीर्ष सैन्य नेतृत्व ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को पूरी तरह से बंद करने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। ईरान ने साफ शब्दों में सभी अंतरराष्ट्रीय जहाजों को चेतावनी दी है कि वे इस क्षेत्र से तुरंत दूर रहें, अन्यथा अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहें। आईआरजीसी ने तो यहाँ तक दावा कर दिया है कि उनके बलों ने इस प्रतिबंध का उल्लंघन करने की कोशिश कर रहे दो जहाजों को पहले ही निशाना बनाकर अपनी मंशा साफ कर दी है। चूंकि दुनिया के कुल तेल निर्यात का एक बहुत बड़ा हिस्सा इसी संकरे रास्ते से होकर गुजरता है, इसलिए इसके बंद होने से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आग लगने और दुनिया भर में गंभीर आर्थिक संकट पैदा होने की आशंका बढ़ गई है।

“जहन्नुम बना देंगे इलाका…” : ईरान की अमेरिका को खुली चेतावनी

इस पूरे घटनाक्रम के बीच ईरान के तेवर बेहद आक्रामक और तीखे हो चुके हैं। आईआरजीसी की एयरोस्पेस फोर्स के प्रमुख, मेजर जनरल माजिद मौसवी ने अमेरिका को खुली चुनौती देते हुए बेहद सख्त लहजे में कहा है कि यदि अमेरिका ने इस क्षेत्र की शांति और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की संप्रभुता से खिलवाड़ करने की कोशिश की, तो ईरान इस पूरे इलाके को अमेरिकी सैनिकों के लिए ‘जहन्नुम’ में तब्दील कर देगा। ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम के मुताबिक, मौसवी ने कड़े शब्दों में पूछा, “क्या आप पवित्र स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को असुरक्षित बना रहे हैं? हम पूरे ईरान से इस क्षेत्र को आपके लिए जहन्नुम बना देंगे।” उन्होंने साफ कर दिया है कि अमेरिका की इस हिमाकत को बिना कड़े जवाब के नहीं छोड़ा जाएगा। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि अमेरिका इस भारी नुकसान और धमकी के बाद क्या कदम उठाता है।

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