बिहार की राजनीति में दबदबा रखने वाले पप्पू यादव हमेशा अपने बेबाक बयानों और जमीनी राजनीति के लिए जाने जाते हैं, लेकिन अब उनका परिवार एक नए कारण से सुर्खियों में है। इस बार चर्चा राजनीति की नहीं, बल्कि क्रिकेट के मैदान की है। पप्पू यादव के बेटे सार्थक रंजन ने अपने दम पर एक बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले सार्थक अब इंडियन प्रीमियर लीग के मंच पर नजर आने वाले हैं। खास बात यह है कि सार्थक की पहचान सिर्फ “नेता का बेटा” बनकर नहीं, बल्कि एक मेहनती क्रिकेटर के रूप में बनी है। उन्होंने जूनियर लेवल से लेकर घरेलू टूर्नामेंट तक अपने खेल से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा और अब उसी मेहनत का नतीजा आईपीएल कॉन्ट्रैक्ट के रूप में सामने आया है। बिहार जैसे राज्य से निकलकर आईपीएल तक पहुंचना किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए बड़ा सपना होता है, जिसे सार्थक ने हकीकत में बदल दिया है।
KKR ने खेला दांव
आईपीएल 2026 के लिए आयोजित मिनी ऑक्शन में कई युवा खिलाड़ियों पर नजरें टिकी थीं। इसी दौरान सार्थक रंजन का नाम पुकारा गया और फिर जो हुआ, उसने क्रिकेट प्रेमियों को चौंका दिया। तीन बार की चैंपियन टीम कोलकाता नाइट राइडर्स ने सार्थक को 30 लाख रुपये में अपनी टीम में शामिल कर लिया। सार्थक का बेस प्राइस भी 30 लाख रुपये ही था और उसी कीमत पर केकेआर ने उन पर भरोसा जताया। यह वही फ्रेंचाइज़ी है, जिसकी सहमालिकाना हिस्सेदारी बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान के पास है और जो युवा खिलाड़ियों को मौका देने के लिए जानी जाती है। ऑक्शन के दौरान भले ही सार्थक पर लंबी बोली नहीं लगी, लेकिन आईपीएल जैसी लीग में चुना जाना अपने आप में बड़ी बात मानी जाती है। यह चयन इस बात का संकेत है कि टीम मैनेजमेंट ने उनके टैलेंट और भविष्य की संभावनाओं को ध्यान में रखकर फैसला लिया है।
घरेलू क्रिकेट में रहा शानदार प्रदर्शन
सार्थक रंजन का आईपीएल तक पहुंचने का सफर अचानक नहीं बना। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में लगातार प्रदर्शन करके खुद को साबित किया है। चाहे बल्लेबाजी हो या फील्डिंग, सार्थक ने अपने खेल में निरंतरता दिखाई है। कोच और क्रिकेट जानकारों का मानना है कि उनमें सीखने की ललक और दबाव में खेलने की क्षमता है, जो आईपीएल जैसे बड़े मंच पर बेहद जरूरी होती है। बिहार क्रिकेट से जुड़े लोगों के लिए भी यह गर्व का पल है, क्योंकि राज्य से बहुत कम खिलाड़ी आईपीएल तक पहुंच पाते हैं। सार्थक की सफलता आने वाली पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बन सकती है। जानकारों का कहना है कि केकेआर जैसी टीम में रहकर उन्हें अनुभवी खिलाड़ियों के साथ अभ्यास करने और रणनीति समझने का मौका मिलेगा, जिससे उनका खेल और निखर सकता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि टीम मैनेजमेंट उन्हें प्लेइंग इलेवन में कितने मौके देता है और वह उन मौकों का कितना फायदा उठा पाते हैं।
आईपीएल 2026 में पहली झलक पर टिकी निगाहें
अब जब सार्थक रंजन आईपीएल फ्रेंचाइज़ी का हिस्सा बन चुके हैं, तो सभी की नजरें आने वाले आईपीएल 2026 पर टिकी हैं। यह उनका पहला आईपीएल सीजन होगा और ऐसे में उन पर उम्मीदों का दबाव भी रहेगा। सवाल यही है कि क्या उन्हें तुरंत मैच खेलने का मौका मिलेगा या फिर उन्हें पहले बेंच पर रहकर अनुभव हासिल करना होगा। केकेआर की टीम संयोजन और रणनीति पर सब कुछ निर्भर करेगा। पप्पू यादव ने भी पहले कई मौकों पर कहा है कि वे अपने बेटे को राजनीति में नहीं, बल्कि खेल के मैदान में आगे बढ़ते देखना चाहते हैं। अब जब सार्थक आईपीएल के मंच पर पहुंच गए हैं, तो यह साफ हो गया है कि उन्होंने अपनी पहचान खुद बनाई है। आने वाला सीजन न सिर्फ उनके करियर की दिशा तय करेगा, बल्कि यह भी बताएगा कि बिहार से निकला यह युवा खिलाड़ी आईपीएल जैसे बड़े मंच पर कितनी दूर तक जा सकता है।
