बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा से कथित बदसलूकी के मामले में पुलिस और प्रशासन ने जांच को आगे बढ़ाने के लिए दो महिला अधिकारियों को अहम जिम्मेदारी दी है। SDPO IPS दीप्ति मोनाली को मामले की जांच के लिए गठित SIT का नेतृत्व सौंपा गया है। वहीं, जमुई की उप विकास आयुक्त (DDC) और जिला परिषद की मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी IAS चौधरी शिप्रा विजयकुमार को स्पीडी ट्रायल से जुड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया का नोडल अधिकारी बनाया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, पुलिस जांच और प्रशासनिक समन्वय को अलग-अलग स्तर पर आगे बढ़ाया जा रहा है।
कौन हैं IPS दीप्ति मोनाली?
IPS दीप्ति मोनाली जमुई में SDPO के पद पर तैनात हैं और इसी मामले की जांच के लिए बनाई गई SIT का नेतृत्व कर रही हैं। उनकी जिम्मेदारी जांच से जुड़े साक्ष्यों, दस्तावेजों और पुलिस कार्रवाई को आगे बढ़ाने की है। मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब जांच टीम की भूमिका अहम हो गई है। पुलिस के मुताबिक, घटना से जुड़े अन्य पहलुओं और संभावित आरोपियों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। SIT गठन की पुष्टि पुलिस अधिकारियों और अन्य रिपोर्टों में की गई है।
IAS शिप्रा चौधरी संभालेंगी प्रशासनिक समन्वय
IAS चौधरी शिप्रा विजयकुमार जमुई में DDC के साथ जिला परिषद की मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें स्पीडी ट्रायल से जुड़ी जरूरी प्रशासनिक औपचारिकताओं और संबंधित विभागों के बीच समन्वय की जिम्मेदारी दी गई है। जिला प्रशासन ने 15 से 20 दिनों के भीतर इस प्रक्रिया से जुड़ी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने का लक्ष्य बताया है। इसका उद्देश्य मामले को कानूनी प्रक्रिया में जल्द आगे बढ़ाने के लिए जरूरी दस्तावेज और समन्वय समय पर पूरा करना है।
गिरफ्तारियों के बाद जांच पर फोकस
मामले में पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है और जांच आगे जारी है। प्रशासन की ओर से बताया गया है कि मामले की निगरानी के साथ-साथ पीड़िता की पहचान से जुड़ी संवेदनशीलता का भी ध्यान रखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर मामले से जुड़े भ्रामक या आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर भी कार्रवाई की बात सामने आई है। अब इस पूरे मामले में SIT की जांच, पुलिस की कानूनी कार्रवाई और स्पीडी ट्रायल के लिए प्रशासनिक तैयारियों पर नजर है।
