भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की जूनियर क्रिकेट कमेटी ने दक्षिण अफ्रीका दौरे के लिए भारत की अंडर-19 टीम की घोषणा कर दी है और इसी के साथ भारतीय क्रिकेट में एक नया अध्याय जुड़ गया है। इस दौरे के लिए महज 14 साल के वैभव सूर्यवंशी को टीम इंडिया अंडर-19 का कप्तान नियुक्त किया गया है। इतनी कम उम्र में कप्तानी की जिम्मेदारी मिलना अपने आप में बड़ा फैसला माना जा रहा है। दक्षिण अफ्रीका दौरे पर भारतीय अंडर-19 टीम तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलेगी, जो 2026 अंडर-19 विश्व कप की तैयारियों का अहम हिस्सा मानी जा रही है। जूनियर चयन समिति ने इस दौरे को युवा खिलाड़ियों के आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता और विदेशी परिस्थितियों में प्रदर्शन को परखने का सुनहरा मौका बताया है।
बीसीसीआई के इस फैसले ने क्रिकेट जगत में चर्चा को तेज कर दिया है। आमतौर पर अंडर-19 स्तर पर भी कप्तानी अनुभवी खिलाड़ियों को दी जाती है, लेकिन वैभव सूर्यवंशी को चुनकर बोर्ड ने साफ संकेत दिया है कि वह प्रतिभा और मानसिक मजबूती को उम्र से ऊपर रखता है। यह दौरा न सिर्फ खिलाड़ियों के लिए अहम है, बल्कि चयनकर्ताओं के लिए भी भविष्य की रणनीति तय करने का आधार बनेगा।
कौन हैं वैभव सूर्यवंशी, क्यों मिला इतनी कम उम्र में भरोसा
14 साल के वैभव सूर्यवंशी को पहली बार भारतीय अंडर-19 टीम की कप्तानी सौंपी गई है। चयनकर्ताओं का मानना है कि वैभव में न सिर्फ तकनीकी क्षमता है, बल्कि मैदान पर फैसले लेने और टीम को साथ लेकर चलने की समझ भी है। घरेलू और जूनियर स्तर पर उनके प्रदर्शन ने चयन समिति को प्रभावित किया है। बीसीसीआई सूत्रों के मुताबिक, वैभव दबाव की स्थिति में शांत रहते हैं और यही गुण उन्हें कप्तानी के लिए उपयुक्त बनाता है।
असल में 2026 अंडर-19 विश्व कप के लिए आयुष म्हात्रे को भारत का कप्तान चुना गया है, लेकिन फिलहाल वह चोट से जूझ रहे हैं। कलाई में चोट के कारण आयुष दक्षिण अफ्रीका दौरे पर नहीं जा पाएंगे। इसी वजह से चयन समिति ने अस्थायी तौर पर वैभव सूर्यवंशी को कप्तानी की जिम्मेदारी सौंपी है। यह फैसला यह भी दिखाता है कि बीसीसीआई भविष्य के कप्तानों को तैयार करने की दिशा में गंभीरता से काम कर रहा है। वैभव के लिए यह दौरा खुद को साबित करने और लंबे समय के लिए टीम इंडिया के नेतृत्व दावेदार बनने का बड़ा अवसर है।
चोटों ने बदली टीम की तस्वीर, वर्ल्ड कप पर नजर
दक्षिण अफ्रीका दौरे से पहले टीम चयन में चोटों ने भी अहम भूमिका निभाई है। आयुष म्हात्रे के अलावा विहान मल्होत्रा भी कलाई की चोट के कारण इस दौरे से बाहर हो गए हैं। दोनों खिलाड़ियों को आगे के इलाज और रिहैब के लिए बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस भेजा जाएगा। बोर्ड का साफ कहना है कि इन दोनों खिलाड़ियों को 2026 अंडर-19 विश्व कप के लिए पूरी तरह फिट रखना प्राथमिकता है।
Congratulations to our explosive young batter, Vaibhav Sooryavanshi, on being conferred the Pradhan Mantri Rashtriya Bal Puraskar by the Honourable President of India, Smt. Droupadi Murmuji.@rashtrapatibhvn pic.twitter.com/icMEcKK9Zu
— BCCI (@BCCI) December 26, 2025
आईसीसी पुरुष अंडर-19 विश्व कप 15 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक जिम्बाब्वे और नामीबिया में खेला जाएगा। इसी को ध्यान में रखते हुए चयन समिति ने दक्षिण अफ्रीका दौरे के लिए टीम चुनी है, ताकि युवा खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव मिल सके। यह दौरा चयनकर्ताओं को यह समझने में मदद करेगा कि कौन खिलाड़ी विदेशी पिचों पर खुद को ढाल सकता है और बड़े टूर्नामेंट में भारत के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। चोटिल खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में अन्य खिलाड़ियों के पास खुद को साबित करने का शानदार मौका होगा।
दक्षिण अफ्रीका में पूरा शेड्यूल और भारत की अंडर-19 टीम
भारतीय अंडर-19 टीम दक्षिण अफ्रीका में वैभव सूर्यवंशी की कप्तानी में तीन मैचों की वनडे सीरीज खेलेगी। पहला वनडे मैच 3 जनवरी को, दूसरा मैच 5 जनवरी को और तीसरा वनडे 7 जनवरी को खेला जाएगा। तीनों मुकाबले विलोमूर पार्क में आयोजित होंगे। विदेशी हालात में यह सीरीज खिलाड़ियों की तकनीक, फिटनेस और मानसिक मजबूती की परीक्षा मानी जा रही है।
दक्षिण अफ्रीका दौरे के लिए चुनी गई भारतीय अंडर-19 टीम इस प्रकार है – वैभव सूर्यवंशी (कप्तान), आरोन जॉर्ज (उपकप्तान), वेदांत त्रिवेदी, अभिज्ञान कुंडू (विकेटकीपर), हरवंश सिंह (विकेटकीपर), आर. एस. अंबरीश, कनिष्क चौहान, खिलन पटेल, मोहम्मद एनान, हेनिल पटेल, डी. दीपेश, किशन कुमार सिंह, उधव मोहन, युवराज गोहिल और राहुल कुमार। यह टीम अनुभव और युवा जोश का संतुलन मानी जा रही है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि क्या 14 साल के कप्तान वैभव सूर्यवंशी अपनी कप्तानी से टीम इंडिया अंडर-19 को विदेशी धरती पर यादगार शुरुआत दिला पाएंगे।
