PM Narendra Modi Speech: देश आज 80वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने लाल किले की प्राचीर से देश को संबोधित किया। अपने भाषण में पीएम मोदी ने दुनिया में चल रहे तनाव और ऊर्जा संकट का जिक्र करते हुए भारत की तैयारियों को लेकर बड़ी बात कही। उन्होंने कहा कि आज के समय में एनर्जी सिक्योरिटी यानी ऊर्जा सुरक्षा बेहद जरूरी हो गई है। पेट्रोल, डीजल, गैस और फर्टिलाइजर जैसी जरूरी चीजों को भी हथियार की तरह इस्तेमाल किया गया, लेकिन भारत ने पहले से तैयारी कर रखी थी। पीएम मोदी ने कहा कि संकट के समय देश की यही तैयारी काम आई और भारत अपनी ताकत के दम पर आगे बढ़ता रहा।
यूक्रेन से पश्चिम एशिया तक तनाव, फिर भी भारत रहा तैयार
PM Narendra Modi ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में दुनिया ने एक के बाद एक कई बड़े संकट देखे हैं। कोरोना महामारी ने पूरी दुनिया की व्यवस्थाओं को हिला दिया। इसके बाद यूक्रेन से लेकर पश्चिम एशिया तक लगातार तनाव का माहौल बना हुआ है। इन परिस्थितियों के बीच ऊर्जा की उपलब्धता भी बड़ी चुनौती बन गई है। पीएम मोदी ने कहा कि जब दुनिया के कई हिस्सों में मुश्किलें बढ़ रही थीं, तब भारत ने अपनी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए पहले से तैयारी की। उन्होंने कहा कि संकट के समय भारत की तैयारियां काम आईं और देश किसी दूसरे के भरोसे नहीं रहा। प्रधानमंत्री के मुताबिक, आने वाले समय में ऊर्जा की जरूरत और बढ़ने वाली है, इसलिए भारत को अपनी ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूत करना होगा।
2047 तक 100 GW न्यूक्लियर पावर का लक्ष्य
PM Narendra Modi ने अपने संबोधन में भारत की भविष्य की ऊर्जा जरूरतों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिना पर्याप्त ऊर्जा के नई दुनिया को चलाना मुश्किल है और देश को बड़ी मात्रा में ऊर्जा की जरूरत होगी। इसी को देखते हुए भारत ने 2047 तक 100 गीगावाट न्यूक्लियर पावर हासिल करने का लक्ष्य रखा है। पीएम मोदी ने कहा कि ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता भारत की विकास यात्रा के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार आने वाले समय में कई बड़े सुधार करने की दिशा में आगे बढ़ेगी। उनके मुताबिक, विकसित भारत बनाने के लिए सोच और व्यवस्था दोनों में बदलाव जरूरी है।
ईरान-अमेरिका तनाव के बीच बढ़ी हॉर्मूज की चिंता
PM Narendra Modi का यह बयान ऐसे समय आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के कारण दुनिया की नजर हॉर्मूज क्षेत्र पर बनी हुई है। हॉर्मूज दुनिया के लिए तेल की सप्लाई का एक बेहद महत्वपूर्ण रास्ता है। यहां किसी भी तरह का बड़ा संकट पैदा होने पर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और सप्लाई पर असर पड़ सकता है। ऐसे में भारत के लिए भी ऊर्जा सुरक्षा महत्वपूर्ण हो जाती है। पीएम मोदी ने अपने भाषण में सीधे तौर पर किसी एक देश का नाम लेकर बयान नहीं दिया, लेकिन पेट्रोल-डीजल, गैस और फर्टिलाइजर को हथियार की तरह इस्तेमाल किए जाने की बात जरूर कही। उन्होंने साफ संकेत दिया कि आने वाले समय में भारत को ऊर्जा के मामले में अपनी निर्भरता कम करने और अपनी क्षमता बढ़ाने पर लगातार काम करना होगा।
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