Assam School Guidelines: असम में स्कूलों की सुरक्षा और परिसर में बाहरी लोगों की आवाजाही को लेकर शिक्षा विभाग की नई गाइडलाइन चर्चा में है। इसके तहत स्कूलों को सुबह की प्रार्थना शुरू होने से पहले मुख्य गेट बंद रखने और बिना अनुमति बाहरी लोगों को परिसर में प्रवेश नहीं देने के निर्देश दिए गए हैं। स्कूल में कक्षाएं या दूसरी गतिविधियां चलने के दौरान बिना इजाजत फोटो और वीडियो बनाने पर भी रोक रखने को कहा गया है। विभाग ने इन निर्देशों का उद्देश्य छात्रों की सुरक्षा, उनके अधिकारों की रक्षा और स्कूल में पढ़ाई का माहौल बनाए रखना बताया है। ये दिशा-निर्देश 1 अक्टूबर से लागू होने की जानकारी सामने आई है।
आशुतोष रांका ने सोशल मीडिया पोस्ट से साधा निशाना
CJP नेता आशुतोष रांका (Ashutosh Ranka) ने इन निर्देशों को लेकर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और उनकी सरकार पर सवाल उठाए हैं। CJP नेता आशुतोष रांका (Ashutosh Ranka) का कहना है कि एक तरफ सरकार असम के स्कूलों की सुविधाओं को सोशल मीडिया के जरिए दिखा रही है, वहीं दूसरी ओर स्कूल परिसरों में बाहरी लोगों के प्रवेश पर पाबंदियां लगाई जा रही हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए सवाल किया कि अगर स्कूलों की व्यवस्था इतनी अच्छी है तो वहां लोगों के प्रवेश को लेकर इतनी सख्ती क्यों की जा रही है। यह बयान ऐसे समय आया है जब CJP की ओर से असम के सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर अभियान भी चलाया जा रहा है।
पहले भी स्कूलों को लेकर सरकार से भिड़ चुके हैं रांका
CJP नेता आशुतोष रांका (Ashutosh Ranka) पिछले दिनों असम के सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर लगातार सवाल उठाते रहे हैं। हालांकि, 29 सितंबर को उन्होंने मुख्यमंत्री की ओर से शेयर किए गए एक सरकारी स्कूल के वीडियो पर सकारात्मक प्रतिक्रिया भी दी थी। उन्होंने स्कूल की सुविधाओं की तारीफ करते हुए असम में ऐसे और स्कूल बनाने की अपील की थी। साथ ही उन्होंने दिसपुर और रामपुर के उन स्कूलों की स्थिति सुधारने की मांग की थी, जिनका दौरा CJP के अभियान के दौरान किया गया था।
Himanta and Co are busy making reels about their schools on Insta, while simultaneously disallowing entry in schools.
If the schools of Assam are so good, why is entry in the schools being banned?
Dar gaye kya! https://t.co/FBlz1c4HeB
— Ashutosh Ranka (@AshutoshRanka) September 30, 2026
गुवाहाटी में हिरासत के बाद फिर तेज हुई बयानबाजी
इससे पहले 27 सितंबर को गुवाहाटी में CJP की क्षेत्रीय बैठक से पहले आशुतोष रांका (Ashutosh Ranka)और संगठन के कई सदस्यों को पुलिस ने हिरासत में लिया था। CJP ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाए थे, जबकि CJP नेता आशुतोष रांका (Ashutosh Ranka) ने आरोप लगाया था कि पुलिस की कार्रवाई उनके अभियान को रोकने के लिए की गई। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद रांका और असम सरकार के बीच बयानबाजी तेज हुई है। अब स्कूलों को लेकर आई नई गाइडलाइन पर CJP नेता आशुतोष रांका (Ashutosh Ranka) की टिप्पणी ने इस विवाद को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।
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