राजस्थान के डूंगरपुर शहर में शुक्रवार की सुबह रोज की तरह ही सामान्य रूप से शुरू हुई थी। सड़कों पर गाड़ियों की आवाजाही बढ़ रही थी और लोग अपने-अपने कामों के लिए घरों से निकल रहे थे। इसी बीच दो युवक, नरेश (निवासी खेरवाड़ा) और गोपाल (निवासी सलूंबर), अपनी मोटरसाइकिल पर सवार होकर डूंगरपुर बस स्टैंड से तहसील चौराहा रोड की तरफ बढ़ रहे थे। दोनों के चेहरों पर एक अजीब सी मायूसी और जल्दबाजी थी, क्योंकि वे अपने किसी बेहद करीबी और परिचित के दाह संस्कार में शामिल होने के लिए जा रहे थे। उन्हें क्या मालूम था कि जिस अंतिम विदाई में वे शामिल होने जा रहे हैं, नियति ने उनके लिए भी रास्ते में मौत का एक ऐसा ही खौफनाक जाल बिछा रखा है। जैसे ही उनकी बाइक शास्त्री कॉलोनी रोड पर मेवाड़ फर्नीचर के सामने पहुंची, पीछे से काल बनकर आ रही एक गाड़ी ने उनकी जिंदगी का सफर हमेशा के लिए खत्म कर दिया।
तेज रफ्तार का कहर और रूह कंपा देने वाला मंजर
चश्मदीदों के मुताबिक, शास्त्री कॉलोनी रोड पर एक निजी बस बेहद तेज रफ्तार और बेकाबू होकर दौड़ रही थी। ड्राइवर का गाड़ी पर जरा भी नियंत्रण नहीं था। मेवाड़ फर्नीचर के पास पहुंचते ही इस अंधाधुंध गति से आ रही बस ने युवकों की मोटरसाइकिल को पीछे से इतनी जोरदार टक्कर मारी कि दोनों युवक हवा में उछलते हुए सड़क पर जा गिरे। इसके बाद जो कुछ भी हुआ, उसने वहां मौजूद हर इंसान की रूह कंपा दी। बाइक से गिरते ही बस का भारी-भरकम पहिया दोनों युवकों के सिर के ऊपर से गुजर गया। टक्कर इतनी भयानक और दर्दनाक थी कि दोनों युवकों को संभलने तक का मौका नहीं मिला और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। सड़क पर चारों तरफ खून फैल गया और वहां से गुजरने वाले राहगीर इस खौफनाक मंजर को देखकर सन्न रह गए। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई और चीख-पुकार मच गई।
सड़क पर लगा लंबा जाम, पुलिस ने संभाला मोर्चा
इस दिल दहला देने वाले हादसे के तुरंत बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। गुस्साए और डरे हुए लोगों की भीड़ के कारण बस स्टैंड से तहसील चौराहा लेन पर वाहनों की रफ्तार पूरी तरह थम गई और देखते ही देखते वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतार लग गई। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए कोतवाली थाना पुलिस को तुरंत सूचना दी गई। सूचना मिलते ही कोतवाली थाने के सब-इंस्पेक्टर (एसआई) चंदूलाल और एसआई भरत मीणा अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सबसे पहले उग्र हो रही भीड़ को शांत कराया और स्थिति को नियंत्रण में लिया। यातायात व्यवस्था को बहाल करने के लिए पुलिस ने तुरंत सूझबूझ दिखाते हुए दूसरी लेन से ट्रैफिक को डायवर्ट किया, जिससे काफी मशक्कत के बाद जाम खुल सका। इसके बाद, दोनों मृतकों के शवों को बेहद सम्मान और सावधानी के साथ एम्बुलेंस में रखकर डूंगरपुर जिला अस्पताल की मोर्चरी (शवगृह) भिजवाया गया।
कातिल ड्राइवर फरार, पुलिस की सरगर्मी से तलाश तेज
हादसे के बाद जैसे ही ड्राइवर को अहसास हुआ कि उससे कितना बड़ा अनर्थ हो चुका है, वह भीड़ का फायदा उठाकर मौके से चुपचाप फरार हो गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दुर्घटना को अंजाम देने वाली उस बेकाबू बस को अपने कब्जे में ले लिया है (डिटेन कर लिया है) और उसे कोतवाली थाना परिसर में खड़ा करवा दिया है। मृतकों की शिनाख्त नरेश और गोपाल के रूप में होने के बाद उनके परिजनों को इस दुखद घटना की सूचना दे दी गई है, जिसके बाद परिवारों में कोहराम मच गया है। कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और फरार बस चालक की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें बनाकर उसकी सरगर्मी से तलाश शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके।
