दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहा कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन लगातार चर्चा में बना हुआ है। प्रदर्शन का यह अभियान अब 20वें दिन में पहुंच चुका है। इसी बीच पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने एक नया दावा किया है, जिसने विवाद को और बढ़ा दिया है। दीपके का कहना है कि उनका एक वीडियो सोशल मीडिया से ब्लॉक या हटाया गया है। इस वीडियो में उन्होंने कथित तौर पर दिल्ली पुलिस से प्रदर्शन में शामिल छात्रों को बारिश से बचाने के लिए टेंट लगाने की अनुमति देने की अपील की थी। वीडियो हटने के बाद उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इसमें ऐसा क्या था, जिसे आपत्तिजनक मानकर हटाने की जरूरत पड़ गई।
बारिश में भीगते छात्रों को लेकर जताई चिंता
अभिजीत दीपके ने आरोप लगाया कि लगातार हो रही बारिश के बीच प्रदर्शन स्थल पर मौजूद छात्रों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। उनका कहना है कि बारिश के कारण कपड़े, बिस्तर और जरूरी सामान भीग गए, जिससे कई छात्रों की तबीयत भी खराब होने लगी। दीपके ने कहा कि प्रदर्शन में शामिल अधिकांश छात्र युवा हैं और उन्हें बुनियादी सुविधाओं की जरूरत है। उन्होंने यह भी दावा किया कि छात्रों को बारिश से बचाने के लिए तिरपाल या टेंट लगाने की अनुमति मांगी गई थी, लेकिन इसकी मंजूरी नहीं मिली। इस मुद्दे को लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा किया था, जो बाद में दिखाई नहीं दिया। इसी को लेकर अब उन्होंने सार्वजनिक रूप से सवाल खड़े किए हैं।
Delhi Police is not allowing us to bring in tarpaulins.
It rained all night, and we need them to protect the students who have been on a hunger strike for the past 12 days from the rain.
For the last three days, we have been struggling to get the tarpaulins inside the protest… pic.twitter.com/GrBryJiQxz
— Abhijeet Dipke (@abhijeet_dipke) July 9, 2026
पुलिस और प्रशासन पर लगाए गंभीर आरोप
प्रदर्शन के दौरान अभिजीत दीपके ने यह भी आरोप लगाया कि जहां प्रदर्शनकारी बारिश में भीग रहे थे, वहीं ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों को ऐसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने कहा कि छात्रों को रात भर जागकर अपने सामान की सुरक्षा करनी पड़ी क्योंकि बारिश का पानी टेंट और बिस्तरों तक पहुंच गया था। दीपके का कहना है कि उनका उद्देश्य केवल छात्रों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताना था। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि प्रदर्शन शांतिपूर्ण है तो बारिश से बचाव के लिए जरूरी व्यवस्था करने में आपत्ति क्यों होनी चाहिए। हालांकि इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर भी बढ़ी चिंता
इस विरोध प्रदर्शन को समर्थन दे रहे शिक्षाविद और पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत को लेकर भी चिंता बढ़ती जा रही है। जानकारी के अनुसार, वह पिछले कई दिनों से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हुए हैं। मेडिकल रिपोर्ट में बताया गया है कि उनका वजन पहले की तुलना में काफी कम हुआ है। हालांकि डॉक्टरों की निगरानी में उनका स्वास्थ्य लगातार जांचा जा रहा है। प्रदर्शन स्थल पर मौजूद लोगों का कहना है कि आंदोलन जारी रहेगा और उनकी मांगों को लेकर आवाज उठाई जाती रहेगी। दूसरी ओर, वीडियो हटाए जाने के आरोप और बारिश में छात्रों की परेशानी ने इस पूरे आंदोलन को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है।
