दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक युवक खुद को दिल्ली पुलिस का कर्मचारी बताते हुए दावा करता है कि उसने प्रदर्शनकारी छात्रों पर कार्रवाई करने के बजाय अपनी नौकरी छोड़ना बेहतर समझा। वीडियो के अनुसार, युवक की ड्यूटी जंतर-मंतर स्थित प्रदर्शन स्थल पर लगाई गई थी, लेकिन उसने वहां तैनाती स्वीकार नहीं की और बाद में इस्तीफा देने का फैसला किया। इस वीडियो को कई सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में लोग शेयर कर रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद समर्थकों और विरोधियों के बीच बहस भी तेज हो गई है। हालांकि, इस दावे की अभी तक किसी आधिकारिक एजेंसी या दिल्ली पुलिस की ओर से पुष्टि नहीं हुई है।
वीडियो में युवक ने बताई इस्तीफे की वजह
वायरल वीडियो में युवक अपना नाम मोहित बताता है और दावा करता है कि वह दिल्ली पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत था। बातचीत के दौरान वह कहता है कि जैसे ही उसे पता चला कि उसकी ड्यूटी छात्र प्रदर्शन स्थल पर लगाई गई है, उसने मेडिकल अवकाश ले लिया। उसके अनुसार, कुछ समय बाद अधिकारियों ने उसे दोबारा ड्यूटी पर लौटने के लिए कहा, लेकिन उसने मेडिकल अवकाश बढ़ाने का अनुरोध किया। युवक का दावा है कि जब उसकी मांग स्वीकार नहीं की गई, तब उसने इस्तीफा देने का फैसला किया। वीडियो में वह यह भी कहता सुनाई देता है कि वह छात्रों पर लाठीचार्ज नहीं करना चाहता और इसलिए सरकारी नौकरी छोड़ना उसे सही लगा। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रियाएं
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई यूजर्स युवक के फैसले की सराहना कर रहे हैं और इसे साहसिक कदम बता रहे हैं। कुछ लोगों का कहना है कि यदि वीडियो में किया गया दावा सही है, तो यह एक बड़ी व्यक्तिगत कुर्बानी मानी जाएगी। वहीं दूसरी ओर कई यूजर्स इस वीडियो की सत्यता पर सवाल भी उठा रहे हैं। उनका कहना है कि किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक जानकारी का इंतजार किया जाना चाहिए। वीडियो को हजारों बार देखा और साझा किया जा चुका है, जिससे यह चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली सामग्री को लेकर विशेषज्ञ भी लोगों से सावधानी बरतने और केवल सत्यापित जानकारी पर भरोसा करने की सलाह देते हैं।
आधिकारिक पुष्टि का इंतजार, वीडियो की सत्यता स्पष्ट नहीं
फिलहाल इस वायरल वीडियो को लेकर दिल्ली पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। न ही यह पुष्टि हुई है कि वीडियो में दिखाई दे रहा व्यक्ति वास्तव में दिल्ली पुलिस में कार्यरत था या उसने नौकरी से इस्तीफा दिया है। ऐसे में इस वीडियो से जुड़े दावों को अभी सत्यापित नहीं माना जा सकता। विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाले वीडियो कई बार अधूरी या भ्रामक जानकारी के साथ भी साझा किए जाते हैं। इसलिए किसी भी दावे को तथ्य मानने से पहले संबंधित विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया और जांच का इंतजार करना जरूरी है। यदि भविष्य में इस मामले में कोई आधिकारिक जानकारी सामने आती है, तो उससे पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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