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रात के अंधेरे में जंतर-मंतर पहुंचे चंद्रशेखर आजाद, फिर सुबह 5 बजे ही क्यों वहां से चले गए?

नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद देर रात जंतर-मंतर पहुंचे और सोनम वांगचुक के आंदोलन की जानकारी ली। 2:30 बजे से सुबह 5 बजे तक चली मुलाकात के बाद सियासी हलचल तेज हो गई है।

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भीम आर्मी प्रमुख और नगीना लोकसभा सीट से सांसद चंद्रशेखर आजाद देर रात अचानक दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचे, जिसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं। चंद्रशेखर आजाद रात करीब 2:30 बजे प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और सुबह लगभग 5 बजे तक वहां मौजूद रहे। इस दौरान उन्होंने सोनम वांगचुक के आंदोलन से जुड़े लोगों, छात्रों और अन्य प्रदर्शनकारियों से बातचीत की। उन्होंने भूख हड़ताल की स्थिति, आंदोलन की मांगों और आगे की रणनीति को लेकर जानकारी ली। चंद्रशेखर आजाद का यह दौरा ऐसे समय में हुआ है, जब सोनम वांगचुक के अनशन और उन्हें अस्पताल ले जाने की घटना को लेकर सियासी माहौल गर्म है। हालांकि, सांसद की ओर से अभी तक किसी बड़े राजनीतिक कदम का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन उनके देर रात के इस दौरे को काफी अहम माना जा रहा है।

प्रदर्शनकारियों से की लंबी बातचीत

जंतर-मंतर पहुंचने के बाद चंद्रशेखर आजाद ने वहां मौजूद कार्यकर्ताओं और समर्थकों से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि उन्होंने सोनम वांगचुक के 21 दिन से चल रहे भूख हड़ताल आंदोलन को लेकर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से उनकी समस्याएं सुनीं और मौजूदा हालात की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने यह भी समझने की कोशिश की कि प्रशासन की कार्रवाई के बाद आंदोलन किस दिशा में आगे बढ़ सकता है। जंतर-मंतर पर पहले से भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है, ऐसे में चंद्रशेखर आजाद की मौजूदगी ने वहां राजनीतिक गतिविधियों को और बढ़ा दिया। उन्होंने अनशन में शामिल युवाओं और छात्रों से भी बातचीत की और उनका हाल जाना। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में वह इस मुद्दे पर अपनी भूमिका को लेकर कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं।

सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाने के बाद बढ़ा विवाद

सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे थे। शनिवार को दिल्ली पुलिस ने उनकी तबीयत बिगड़ने का हवाला देते हुए उन्हें सफदरजंग अस्पताल पहुंचाया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच काफी हंगामा भी हुआ था। कुछ लोगों ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए थे और आरोप लगाया था कि वांगचुक को जबरन हटाया गया। फिलहाल सोनम वांगचुक सफदरजंग अस्पताल के आठवें फ्लोर पर भर्ती हैं, जहां उनकी निगरानी की जा रही है। अस्पताल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई गई है। वांगचुक ने अस्पताल में पुलिस की मौजूदगी और परिवार को लेकर कुछ चिंताएं भी जाहिर की हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार के लोगों को मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं दी जा रही।

वांगचुक का संदेश और चंद्रशेखर आजाद की भूमिका पर टिकी नजरें

अस्पताल से सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया के जरिए अपना संदेश साझा किया है। उन्होंने अपने पोस्ट में आजादी, भय मुक्त भारत और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की बात कही। साथ ही उन्होंने संसद तक मार्च का आह्वान किया और लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की। दूसरी ओर, चंद्रशेखर आजाद के देर रात जंतर-मंतर पहुंचने के बाद अब सभी की नजरें उनकी अगली रणनीति पर हैं। विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों की सक्रियता के बीच उनका यह दौरा कई संकेत दे रहा है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वह इस आंदोलन को लेकर आगे किस तरह की भूमिका निभाएंगे। आने वाले दिनों में सोनम वांगचुक के आंदोलन और उससे जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम पर सभी की नजर बनी हुई है।

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