अयोध्या। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी अयोध्या से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। राम जन्मभूमि दान गबन मामले के मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला की मुश्किलें अब जेल के भीतर और ज्यादा बढ़ने वाली हैं। पुलिस प्रशासन ने इस पूरे मामले की तह तक जाने के लिए कमर कस ली है। इसी सिलसिले में अब सलाखों के पीछे बंद अविनाश शुक्ला से पुलिस की टीम तीखे सवाल-जवाब कर रही है। इस हाई-प्रोफाइल मामले में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं, जिसने न सिर्फ अयोध्या बल्कि पूरे देश के श्रद्धालुओं को झकझोर कर रख दिया है। प्रशासन इस कोशिश में जुटा है कि आस्था के नाम पर हुए इस खेल के पीछे छिपे हर चेहरे को बेनकाब किया जा सके।
कोर्ट की हरी झंडी के बाद शुरू हुआ एक्शन का दौर
इस पूरे मामले में पुलिस की तफ्तीश को तब और मजबूती मिली जब विवेचना अधिकारी ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। दरअसल, आरोपी अविनाश शुक्ला से गहन पूछताछ के लिए विवेचना अधिकारी ने अदालत में एक विशेष आवेदन दाखिल किया था। कोर्ट ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इस अर्जी को स्वीकार कर लिया है। अब विवेचन क्षेत्राधिकारी अयोध्या, आशुतोष तिवारी को जेल में जाकर आरोपी से पूछताछ करने की आधिकारिक अनुमति मिल गई है। पुलिस की टीम मुख्य रूप से इस बात का पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे गबन नेटवर्क के तार कहां-कहां जुड़े हैं और इस साजिश में अविनाश के साथ और कौन-कौन शामिल था।
5 जून को बरामद हुए थे ₹20 लाख, उठ रहे कई गंभीर सवाल
इस पूरे स्कैम की कड़ियां बीते 5 जून की उस बड़ी कार्रवाई से जुड़ती हैं, जब राम मंदिर ट्रस्ट ने अविनाश शुक्ला के पास से भारी-भरकम रकम बरामद की थी। ट्रस्ट ने आरोपी के पास से पूरे 20 लाख रुपये नकद बरामद किए थे, जिसके बाद से ही इस पूरे फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ था। तभी से यह सवाल हवा में तैर रहा है कि आखिर इतनी बड़ी रकम को किस तरह और किन फर्जी रसीदों या माध्यमों से इकट्ठा किया गया था? पुलिस क्षेत्राधिकारी आशुतोष तिवारी की अगुवाई में हो रही इस जेल पूछताछ में इसी 20 लाख रुपये के सोर्स और उसके पूरे रूट मैप को खंगालने की कोशिश की जा रही है।
अखिलेश यादव का तीखा हमला: ‘कुछ लोगों का धंधा ही धर्म से धन कमाना है’
इस बीच, राम मंदिर दान गबन मामले को लेकर सियासत भी पूरी तरह गरमा गई है। शनिवार (27 जून) को समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए एक बड़ा बयान दिया है। अखिलेश यादव ने कहा कि “कुछ लोगों का धर्म ही धन बन चुका है और वे धर्म के नाम पर सिर्फ अपना धंधा चमका रहे हैं। इन लोगों ने प्रभु श्री राम के साथ धोखा किया है और पूरी दुनिया में अयोध्या की छवि को धूमिल किया है।” अखिलेश यादव ने संकल्प जताते हुए आगे कहा कि भविष्य में उनकी सरकार आने पर अयोध्या को एक पवित्र धार्मिक नगरी के रूप में बनाए रखने के साथ-साथ आधुनिक तकनीक से भी लैस किया जाएगा, ताकि ऐसे घोटालों पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।
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