राजस्थान की अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की हत्या के बाद एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है—विष्णु जाट। पुलिस के अनुसार, जगन और विष्णु एक ही बैरक में बंद थे। आरोप है कि जेल के भीतर विष्णु ने ही जगन की हत्या की। इस घटना के बाद लोग यह जानना चाहते हैं कि आखिर विष्णु जाट कौन है और वह किन मामलों में जेल पहुंचा। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, विष्णु पहले छोटे-मोटे अपराधों में शामिल था, लेकिन बाद में उसका नाम बड़े आपराधिक मामलों से जुड़ गया। अब जगन गुर्जर की हत्या के बाद वह एक बार फिर सुर्खियों में है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
छोटी चोरी से शुरू हुआ अपराध का सफर
बताया जाता है कि विष्णु जाट किसी बड़े आपराधिक परिवार से नहीं है। उसका परिवार साधारण जीवन जीता है और मजदूरी करके अपना गुजारा करता है। शुरुआती दिनों में वह बाइक चोरी जैसे मामलों में शामिल हुआ। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, उसके खिलाफ करीब छह आपराधिक मामले दर्ज हैं। एक चोरी के मामले में जेल जाने के बाद उसकी मुलाकात कुछ बड़े अपराधियों से हुई। इसके बाद उसका नाम संगठित अपराध से जुड़ने लगा। जांच एजेंसियों के अनुसार, जेल में रहते हुए ही उसकी पहचान अपराध जगत के कई लोगों से हुई और यहीं से उसकी आपराधिक गतिविधियां बढ़ती चली गईं।
कुलदीप जघीना हत्याकांड से मिली पहचान
विष्णु जाट का नाम सबसे ज्यादा उस समय चर्चा में आया, जब गैंगस्टर कुलदीप जघीना हत्याकांड में उसका नाम सामने आया। पुलिस के अनुसार, वर्ष 2023 में भरतपुर कोर्ट में पेशी के लिए ले जाए जा रहे कुलदीप जघीना पर रास्ते में हमला हुआ था। आरोप है कि उस दौरान विष्णु भी बस में मौजूद था और उसने अपने साथियों को लोकेशन देने में भूमिका निभाई। इसके बाद हमलावरों ने गोलीबारी की, जिसमें कुलदीप जघीना की मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज की और विष्णु को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसी मामले के बाद उसका नाम पूरे राजस्थान में चर्चित हो गया।
अब जगन गुर्जर हत्याकांड की होगी जांच
अजमेर जेल में हुई जगन गुर्जर की हत्या के बाद अब सुरक्षा व्यवस्था और जेल प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस और जेल प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहे हैं कि आखिर हाई सिक्योरिटी जेल के अंदर इतनी बड़ी घटना कैसे हुई। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि हत्या के पीछे कोई पुरानी रंजिश थी या कोई और वजह। फिलहाल विष्णु जाट पर हत्या का आरोप है, लेकिन मामले की जांच पूरी होने के बाद ही सभी तथ्य साफ हो पाएंगे। अब सभी की नजर जांच एजेंसियों की रिपोर्ट और आगे होने वाली कानूनी कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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