अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ताजा बयान अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नई चर्चा छेड़ रहा है। जिस पाकिस्तान को वह पहले अपने कार्यकाल में खुलेआम आलोचना का निशाना बनाते थे, अब उसी देश की तारीफ करते नजर आ रहे हैं। ट्रंप ने कहा कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौता पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में होता है, तो वह वहां जाने पर विचार कर सकते हैं। उनके इस बयान ने यह संकेत दिया है कि पाकिस्तान अब एक बार फिर बड़े वैश्विक मुद्दों में मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है।
‘फील्ड मार्शल बहुत अच्छे हैं’—मुनीर और शहबाज की तारीफ
व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर और प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के अधिकारी चाहते हैं कि वह वहां आएं और बातचीत को आगे बढ़ाएं। ट्रंप का यह नरम रुख चौंकाने वाला माना जा रहा है, क्योंकि उनके पहले कार्यकाल में अमेरिका-पाकिस्तान संबंध काफी तनावपूर्ण रहे थे। अब उनका यह बदला हुआ रुख संकेत देता है कि क्षेत्रीय कूटनीति में पाकिस्तान की भूमिका फिर से अहम हो सकती है।
ईरान-अमेरिका डील में पाकिस्तान की एंट्री
ईरान और अमेरिका के बीच पिछले कुछ समय से तनाव बना हुआ है, और हाल ही में हुई बातचीत का पहला दौर बेनतीजा रहा। ऐसे में पाकिस्तान ने खुद को मध्यस्थ के रूप में पेश किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर ने तेहरान में ईरानी संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ से मुलाकात की है। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच शांति समझौते की कोशिशें तेज हो रही हैं। ट्रंप ने भी संकेत दिया कि बातचीत सही दिशा में बढ़ रही है और जल्द कोई बड़ा ऐलान हो सकता है।
तेल, होर्मुज और वैश्विक असर का समीकरण
ट्रंप ने अपने बयान में यह भी कहा कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो जाता है, तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। खासकर होर्मुज स्ट्रेट के खुलने से तेल की सप्लाई आसान हो जाएगी और कीमतों में गिरावट आ सकती है। यह न सिर्फ अमेरिका बल्कि कई अन्य देशों के लिए राहत की खबर हो सकती है। ऐसे में पाकिस्तान की भूमिका और ट्रंप का संभावित दौरा वैश्विक राजनीति के बड़े समीकरण को बदल सकता है।
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