अमेरिका में उस समय सनसनी फैल गई जब राष्ट्रपति Donald Trump की बेटी Ivanka Trump की हत्या की कथित साजिश का मामला सामने आया। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) से जुड़ा एक प्रशिक्षित कमांडर इवांका ट्रंप को निशाना बनाने की योजना पर काम कर रहा था। आरोपी की पहचान इराकी नागरिक मोहम्मद बाकर साद दाऊद अल-सादी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि आरोपी को तुर्की से गिरफ्तार किया गया और बाद में अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया। इस खुलासे के बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर आ गई हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपी लंबे समय से ट्रंप परिवार के खिलाफ बदले की भावना रखता था और इवांका ट्रंप को टारगेट बनाकर अमेरिका को संदेश देना चाहता था। इस पूरे मामले ने अमेरिका और ईरान के बीच पहले से चल रहे तनाव को फिर सुर्खियों में ला दिया है।
कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेना चाहता था आरोपी
जांच एजेंसियों के मुताबिक, आरोपी अल-सादी ईरानी सैन्य कमांडर Qasem Soleimani का समर्थक था और उसे अपना गुरु मानता था। गौरतलब है कि छह साल पहले बगदाद में अमेरिकी ड्रोन हमले में कासिम सुलेमानी की मौत हो गई थी। उस समय अमेरिका की ओर से इस कार्रवाई को आतंकवाद के खिलाफ बड़ा कदम बताया गया था, लेकिन ईरान ने इसे सीधी दुश्मनी माना था। रिपोर्ट्स के अनुसार, सुलेमानी की मौत के बाद अल-सादी बेहद आक्रोश में था और ट्रंप परिवार से बदला लेने की बातें करता था। वॉशिंगटन स्थित इराकी दूतावास के पूर्व डिप्टी मिलिट्री अटैची इंतिफाध कनबर ने दावा किया कि आरोपी कई लोगों के सामने कहता था कि “इवांका को मारना होगा, तभी बदला पूरा होगा।” बताया जा रहा है कि आरोपी का मानना था कि ट्रंप परिवार को नुकसान पहुंचाकर वह सुलेमानी की मौत का जवाब दे सकता है। यही वजह थी कि उसने कथित तौर पर इवांका ट्रंप को अपने मिशन का मुख्य लक्ष्य बनाया।
फ्लोरिडा स्थित घर की तस्वीर और धमकी भरा संदेश हुआ वायरल
रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि आरोपी ने सोशल मीडिया पर इवांका ट्रंप के फ्लोरिडा स्थित घर का नक्शा और तस्वीरें साझा की थीं। इसके साथ एक धमकी भरा संदेश भी पोस्ट किया गया था, जिसने अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी। कथित संदेश में लिखा गया था कि “न तो तुम्हारे महल और न ही सीक्रेट सर्विस तुम्हें बचा पाएगी।” जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपी लंबे समय से इवांका ट्रंप की गतिविधियों पर नजर रख रहा था और उनके घर की सुरक्षा व्यवस्था का अध्ययन कर रहा था। इस खुलासे के बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों ने ट्रंप परिवार की सुरक्षा और बढ़ा दी है। खासतौर पर फ्लोरिडा स्थित आवास के आसपास निगरानी तेज कर दी गई है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि सोशल मीडिया पर इस तरह के पोस्ट केवल धमकी नहीं बल्कि संभावित हमले की तैयारी का हिस्सा भी हो सकते हैं। यही कारण है कि अमेरिकी एजेंसियां इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही हैं।
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच बढ़ी चिंता
इवांका ट्रंप को लेकर सामने आई इस कथित साजिश ने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को फिर चर्चा में ला दिया है। अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का कहना है कि कासिम सुलेमानी की मौत के बाद से ही ईरान समर्थित समूहों और अमेरिका के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में ट्रंप परिवार को निशाना बनाने की खबर ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता और बढ़ा दी है। फिलहाल अमेरिकी जांच एजेंसियां आरोपी से पूछताछ कर रही हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इस साजिश में और लोग भी शामिल थे। इसके अलावा यह भी जांच की जा रही है कि आरोपी को किसी आतंकी संगठन या विदेशी नेटवर्क का समर्थन प्राप्त था या नहीं। अमेरिकी प्रशासन ने अभी तक इस मामले पर आधिकारिक तौर पर ज्यादा जानकारी साझा नहीं की है, लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस केस से जुड़े कई और बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं। वहीं ट्रंप समर्थकों के बीच इस घटना को लेकर नाराजगी और चिंता दोनों देखी जा रही है।
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