हरिद्वार में गंगा नदी को लेकर एक नया विवाद सामने आया है, जिसने धार्मिक और सामाजिक माहौल को गरमा दिया है। ज्वालापुर क्षेत्र में कुछ युवकों द्वारा कथित तौर पर नॉनवेज बिरयानी से भरा ड्रम गंगा नदी में फेंकने का मामला सामने आने के बाद हिंदूवादी संगठनों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस हरकत में आई और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। बताया जा रहा है कि यह घटना 18 मई की रात दुर्गा चौक इलाके के पास हुई थी। स्थानीय लोगों के अनुसार दो युवक बाइक पर एक बड़ा नीला ड्रम लेकर पहुंचे थे और पुल से उसे गंगा में फेंक दिया। जब आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो दोनों युवक ड्रम छोड़कर मौके से भाग निकले। घटना के बाद इलाके में चर्चा तेज हो गई और सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होते ही मामला और ज्यादा तूल पकड़ने लगा।
वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस कर रही आरोपियों की तलाश
घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। ज्वालापुर कोतवाली पुलिस वायरल वीडियो की मदद से आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। वीडियो में दिखाई दे रही मोटरसाइकिल का नंबर ट्रेस किया जा रहा है ताकि युवकों की पहचान हो सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले को गंभीरता से लिया गया है और जांच के हर पहलू पर काम किया जा रहा है। शुरुआती जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ड्रम में वास्तव में क्या था और इसे गंगा में क्यों फेंका गया। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। अधिकारियों के मुताबिक, अज्ञात आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ने का दावा किया जा रहा है। इस पूरे मामले ने प्रशासन को भी सतर्क कर दिया है क्योंकि हरिद्वार धार्मिक दृष्टि से बेहद संवेदनशील शहर माना जाता है।
हिंदूवादी संगठनों ने जताया विरोध
इस घटना के सामने आने के बाद कई हिंदूवादी संगठनों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। संगठनों का कहना है कि गंगा नदी करोड़ों लोगों की आस्था का केंद्र है और उसमें इस तरह की चीजें फेंकना धार्मिक भावनाओं को आहत करने जैसा है। स्थानीय लोगों ने भी आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उनका कहना है कि गंगा में कचरा, मांसाहार या अन्य आपत्तिजनक चीजें फेंकना केवल पर्यावरण के लिए ही नहीं बल्कि धार्मिक परंपराओं के लिए भी गलत है। कई सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों की जल्द पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में कोई ऐसी हरकत करने की हिम्मत न कर सके। कुछ लोगों ने यह भी कहा कि हरिद्वार जैसे धार्मिक शहर में इस तरह की घटनाएं लोगों की भावनाओं को भड़काने का काम करती हैं और प्रशासन को ऐसे मामलों में तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
धार्मिक नगरी में बढ़ी सतर्कता
मामले के तूल पकड़ने के बाद हरिद्वार पुलिस ने साफ कहा है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की भ्रामक या भड़काऊ पोस्ट शेयर न करें और शांति बनाए रखें। प्रशासन का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा कि घटना के पीछे असली मकसद क्या था। फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है और संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी की जा रही है। धार्मिक नगरी हरिद्वार में इस घटना के बाद सतर्कता बढ़ा दी गई है। गंगा घाटों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस निगरानी भी बढ़ाई गई है ताकि किसी तरह की अफवाह या तनाव की स्थिति पैदा न हो। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि गंगा की पवित्रता बनाए रखने के लिए प्रशासन को लगातार निगरानी करनी चाहिए और ऐसे मामलों पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
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