अमेरिकी न्याय विभाग ने जेफरी एपस्टीन से जुड़े कुछ नए दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं। इन दस्तावेजों के सामने आते ही अमेरिका ही नहीं, पूरी दुनिया में हलचल मच गई है। इन फाइलों में कई बड़े और मशहूर लोगों के नाम सामने आए हैं, जिनमें माइक्रोसॉफ्ट के सह-संस्थापक बिल गेट्स का नाम भी शामिल है। दस्तावेजों के आधार पर यह दावा किया गया है कि बिल गेट्स के रूसी लड़कियों के साथ संबंध थे। आरोप यह भी लगाया गया है कि इन संबंधों के कारण उन्हें गुप्त रोग यानी सेक्शुअली ट्रांसमिटेड डिजीज हो गया था। फाइलों में यह तक लिखा गया है कि बिल गेट्स ने एंटीबायोटिक दवाएं मांगी थीं, ताकि वे अपनी तत्कालीन पत्नी मेलिंडा गेट्स को बिना बताए दवा दे सकें। हालांकि, यह साफ किया गया है कि ये बातें केवल दावों और आरोपों पर आधारित हैं, इनकी किसी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसके बावजूद, इतने बड़े नाम से जुड़ा मामला होने के कारण यह खबर तेजी से चर्चा में आ गई है।
ईमेल ड्राफ्ट्स में क्या लिखा है?
अमेरिकी न्याय विभाग द्वारा जारी की गई फाइलों में कुछ ईमेल ड्राफ्ट्स शामिल हैं। इन्हीं ड्राफ्ट्स के आधार पर बिल गेट्स पर ये गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि जेफरी एपस्टीन ने अपने निजी नोट्स और ईमेल ड्राफ्ट्स में गेट्स को लेकर यह बातें लिखी थीं। इन दस्तावेजों में यह दावा किया गया है कि गेट्स ने रूसी लड़कियों के साथ संबंध बनाए थे और इसी वजह से उन्हें गुप्त रोग हो गया। इतना ही नहीं, एपस्टीन ने यह भी आरोप लगाया कि गेट्स अपनी पत्नी मेलिंडा को सच्चाई बताए बिना दवाएं देना चाहते थे। हालांकि, जानकारों का कहना है कि ड्राफ्ट्स का मतलब यह नहीं होता कि वे बातें सच ही हों। कई बार ईमेल ड्राफ्ट्स सिर्फ किसी व्यक्ति के निजी विचार या आरोप होते हैं, जिनके पीछे कोई ठोस सबूत नहीं होता। फिर भी, इन ड्राफ्ट्स के सार्वजनिक होते ही लोगों के मन में कई सवाल खड़े हो गए हैं और बिल गेट्स की निजी जिंदगी एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है।
आरोपों पर बिल गेट्स की सख्त प्रतिक्रिया
इन आरोपों के सामने आने के बाद बिल गेट्स की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया दी गई है। बिल गेट्स के प्रवक्ता ने साफ शब्दों में कहा है कि ये सभी आरोप पूरी तरह झूठे और बेबुनियाद हैं। प्रवक्ता के मुताबिक, इन दस्तावेजों से सिर्फ इतना पता चलता है कि जेफरी एपस्टीन, बिल गेट्स से रिश्ते टूटने के बाद उनसे नाराज हो गया था। उसी नाराजगी में वह गेट्स को बदनाम करने की कोशिश कर रहा था। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि इन फाइलों में ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि आरोप सही हैं। बिल गेट्स की टीम का कहना है कि बिना जांच और पुष्टि के इस तरह के दावों पर भरोसा करना गलत है। गेट्स खेमे ने यह भी साफ किया कि बिल गेट्स का एपस्टीन के साथ ऐसा कोई संबंध नहीं था, जैसा कि इन फाइलों में दिखाने की कोशिश की जा रही है। इन बयानों के बाद भी सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में इस मुद्दे पर बहस जारी है।
जेफरी एपस्टीन का विवादों से भरा अतीत
जेफरी एपस्टीन का नाम पहले से ही कई बड़े विवादों से जुड़ा रहा है। उस पर यौन अपराधों के गंभीर आरोप लगे थे और उसके संबंध अमेरिका की कई बड़ी राजनीतिक और कारोबारी हस्तियों से बताए जाते रहे हैं। इन्हीं वजहों से उसका मामला हमेशा चर्चा में रहा। अगस्त 2019 में एपस्टीन की जेल में मौत हो गई थी, जिसे आधिकारिक तौर पर आत्महत्या बताया गया। हालांकि, उसकी मौत को लेकर आज भी कई सवाल उठते हैं। अब जब एपस्टीन से जुड़े नए दस्तावेज सामने आए हैं, तो पुराने मामले फिर से सुर्खियों में आ गए हैं। बिल गेट्स को लेकर किए गए दावे भी इसी कड़ी का हिस्सा माने जा रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इन दस्तावेजों में किए गए आरोपों को अंतिम सच नहीं माना जा सकता, जब तक कि उनकी जांच और पुष्टि न हो जाए। फिर भी, इन खुलासों ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि एपस्टीन के संपर्क में रहे बड़े नामों की सच्चाई आखिर क्या थी।
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