PM Modi Trump Talk: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi और अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump के बीच हुई फोन कॉल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान खींचा है। इस बातचीत को लेकर ट्रंप ने खुद प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी उनके “बहुत अच्छे दोस्त” हैं और दोनों नेताओं के बीच चर्चा सकारात्मक रही। यह बातचीत ऐसे समय पर हुई है जब ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच तनाव चरम पर है और दुनिया भर में शांति की कोशिशें जारी हैं। इस कॉल को कूटनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने पर जोर
PM Modi Trump Talk के बीच हुई इस बातचीत में भारत और अमेरिका के संबंधों को और मजबूत बनाने पर खास जोर दिया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने भी सोशल मीडिया पर इस चर्चा की जानकारी देते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग कई क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। रक्षा, व्यापार और टेक्नोलॉजी जैसे अहम सेक्टर में साझेदारी को और गहरा करने पर सहमति बनी। इस बातचीत से यह साफ संकेत मिला कि भारत और अमेरिका आने वाले समय में वैश्विक मुद्दों पर मिलकर काम करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
#WATCH | Responding to ANI’s question on his conversation with PM Narendra Modi, US President Donald Trump says, “I had a very good talk with him and he’s a friend of mine from India and he’s doing great. We had a very good conversation”
(Source: US Network Pool Via Reuters) pic.twitter.com/W9vBuSzHlU
— ANI (@ANI) April 16, 2026
हॉर्मुज स्ट्रेट और समुद्री सुरक्षा पर गहन चर्चा
PM Modi Trump Talk के दौरान दोनों नेताओं ने खास तौर पर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज Strait of Hormuz की स्थिति पर चिंता जताई। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति और व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि इस क्षेत्र में किसी भी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए और समुद्री मार्ग पूरी तरह सुरक्षित और खुला रहना चाहिए। मौजूदा हालात को देखते हुए यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से काफी अहम बन गया है। भारत और अमेरिका दोनों ने इस क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने की जरूरत पर बल दिया।
युद्धविराम की कोशिशें
PM Modi Trump Talk के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने यह भी खुलासा किया कि इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिनों के युद्धविराम पर सहमति बनी है। यह कदम उस समय उठाया गया है जब क्षेत्र में लगातार संघर्ष जारी है और कई लोगों की जान जा चुकी है। लेबनान में सक्रिय संगठन Hezbollah ने भी युद्धविराम को लेकर अपनी शर्तें रखी हैं। वहीं, क्षेत्रीय स्तर पर तनाव कम करने के लिए अन्य देशों के प्रयास भी जारी हैं। पाकिस्तान के सेना प्रमुख का ईरान दौरा भी इसी कड़ी का हिस्सा माना जा रहा है। कुल मिलाकर, यह फोन कॉल सिर्फ द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इससे वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए चल रही कोशिशों को भी नई दिशा मिली है।
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