Shubman Gill Fitness Concern: इंग्लैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में 1-2 से हार के बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल (Shubman Gill) ने टीम की फिटनेस को लेकर खुलकर चिंता जताई है। तीसरे और निर्णायक मुकाबले में भारत को 27 रन से हार का सामना करना पड़ा, जिसके बाद गिल ने कहा कि अगर खिलाड़ी छोटी सीरीज के सभी मैच नहीं खेल पा रहे हैं, तो 2027 वनडे वर्ल्ड कप जैसे लंबे टूर्नामेंट में लगातार अच्छा प्रदर्शन करना मुश्किल हो सकता है। कप्तान का मानना है कि टीम को सिर्फ खेल पर ही नहीं, बल्कि खिलाड़ियों की फिटनेस पर भी गंभीरता से काम करने की जरूरत है। उनका बयान ऐसे समय आया है जब कई अहम खिलाड़ी चोट के कारण टीम से बाहर रहे।
लगातार चोटों से बिगड़ रहा है टीम का संतुलन
मैच के बाद शुभमन गिल (Shubman Gill) ने कहा कि जब भी कोई खिलाड़ी चोटिल होता है, पूरी टीम का संतुलन बदल जाता है। टीम मैनेजमेंट को मजबूरी में प्लेइंग इलेवन और रणनीति बदलनी पड़ती है, जिसका असर प्रदर्शन पर भी दिखाई देता है। गिल ने कहा कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में टीम को लगभग 11 मुकाबले खेलने पड़ सकते हैं। ऐसे में खिलाड़ियों का फिट रहना सबसे बड़ी जरूरत होगी। उन्होंने साफ कहा कि अगर बार-बार खिलाड़ी चोटिल होते रहे, तो मजबूत टीम बनाना और लगातार जीत हासिल करना आसान नहीं होगा। कप्तान ने पूरी टीम से फिटनेस पर ज्यादा ध्यान देने की अपील भी की।
कई स्टार खिलाड़ी चोट के कारण नहीं खेल पाए
इंग्लैंड दौरे के दौरान भारतीय टीम को चोटों ने लगातार परेशान किया। ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या पहले ही चोट के कारण दौरे से बाहर थे। उनकी जगह शामिल किए गए नीतीश कुमार रेड्डी भी फिट नहीं रह सके। इसके बाद टी20 सीरीज में हर्षित राणा चोटिल हो गए, जबकि वनडे सीरीज के दौरान वाशिंगटन सुंदर भी पूरी तरह उपलब्ध नहीं रहे। सबसे बड़ा झटका तीसरे वनडे से पहले लगा, जब तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह घुटने की चोट के कारण लॉर्ड्स में नहीं खेल सके। उनकी गैरमौजूदगी में इंग्लैंड ने बड़ा स्कोर खड़ा किया और भारतीय गेंदबाजी दबाव में नजर आई। दिलचस्प बात यह रही कि कप्तान शुभमन गिल (Shubman Gill) भी पहले वनडे में बल्लेबाजी के दौरान चोटिल होकर रिटायर्ड हर्ट हुए थे।
अब वर्ल्ड कप की तैयारी पर रहेगा पूरा फोकस
इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज हारने के बाद भारतीय टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती खिलाड़ियों को पूरी तरह फिट रखना होगी। अगले बड़े टूर्नामेंट को देखते हुए टीम मैनेजमेंट को खिलाड़ियों के वर्कलोड, फिटनेस और रिकवरी पर विशेष ध्यान देना होगा। शुभमन गिल (Shubman Gill) का मानना है कि अगर टीम के प्रमुख खिलाड़ी पूरे टूर्नामेंट में उपलब्ध रहते हैं, तभी भारत मजबूत दावेदार बन सकता है। अब चयनकर्ताओं और सपोर्ट स्टाफ की कोशिश होगी कि खिलाड़ियों की चोटों को कम किया जाए और उन्हें लंबे समय तक फिट रखा जाए। आने वाले महीनों में टीम इंडिया की तैयारियों का सबसे अहम हिस्सा फिटनेस ही रहने वाली है।
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