दिल्ली में संसद मार्च के दौरान जंतर-मंतर पर उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने कार्रवाई शुरू की। पुलिस और आरपीएफ की मौजूदगी के बीच प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की गई। इसी दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल होने लगा, जिसमें एक युवक सुरक्षा बलों के सामने खड़ा होकर खुद पर लाठी चलाने की बात कहता दिखाई देता है। वीडियो सामने आने के बाद यह घटना चर्चा का विषय बन गई। मौके पर मौजूद अन्य प्रदर्शनकारी इधर-उधर हटने लगे, लेकिन यह युवक वहीं डटा रहा। बाद में महिला सुरक्षाकर्मी और अन्य जवानों ने उसे पीछे हटाने की कोशिश की। घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा और सख्त कर दी गई ताकि हालात सामान्य बने रहें।
वायरल वीडियो ने खींचा लोगों का ध्यान
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि युवक सुरक्षा बलों के सामने खड़ा होकर लगातार विरोध जताता है। कुछ जवान उसे पीछे हटाने की कोशिश करते हैं, जबकि एक महिला सुरक्षाकर्मी भी उसे समझाकर वहां से हटाने का प्रयास करती नजर आती हैं। वीडियो में यह भी दिखता है कि आसपास मौजूद अन्य लोग इस पूरे घटनाक्रम को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर इस वीडियो को लेकर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कुछ लोग इसे युवाओं के गुस्से की तस्वीर बता रहे हैं, जबकि कुछ का कहना है कि प्रदर्शन के दौरान सभी पक्षों को संयम बनाए रखना चाहिए। हालांकि, वीडियो को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत बयान सामने नहीं आया है।
विपक्ष ने उठाए सवाल, सरकार से हुई बातचीत
इस प्रदर्शन को लेकर कई विपक्षी नेताओं ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। विपक्ष का कहना है कि छात्रों की मांगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए और प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग नहीं होना चाहिए। दूसरी ओर, सरकार की तरफ से बातचीत की पहल भी हुई। केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने CJP के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उनकी मांगों पर चर्चा की। बताया गया कि प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा और सरकार ने उचित स्तर पर बातचीत का भरोसा दिया। हालांकि, प्रदर्शनकारी संगठनों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस बीच दिल्ली पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी।
प्रदर्शन के बाद पूरे दिन चर्चा में रहा मामला
संसद मार्च और वायरल वीडियो के बाद यह मामला पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा। संसद के अंदर भी विपक्ष ने इस मुद्दे को उठाया, जिसके चलते दोनों सदनों में कई बार हंगामा हुआ। दूसरी तरफ पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर अलग-अलग स्थानों पर भेजा और भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया। प्रशासन का कहना है कि उसकी प्राथमिकता कानून-व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है। वहीं प्रदर्शनकारी संगठनों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना चाहते हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार और प्रदर्शनकारियों के बीच आगे होने वाली बातचीत का क्या नतीजा निकलता है और आंदोलन किस दिशा में बढ़ता है।
