उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में पुलिस और एक वांछित बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ ने इलाके में चर्चा का माहौल बना दिया है। पुलिस के मुताबिक टीम को सूचना मिली थी कि रंगदारी और अन्य आपराधिक मामलों में वांछित एक अपराधी इलाके में देखा गया है। इसके बाद पुलिस ने तुरंत घेराबंदी शुरू कर दी। इसी दौरान संदिग्ध व्यक्ति बाइक से गुजरता हुआ दिखाई दिया। पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन वह रुकने के बजाय भागने लगा और कथित तौर पर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें आरोपी घायल हो गया। घायल होने के बाद पुलिस ने उसे मौके से गिरफ्तार कर लिया और तुरंत अस्पताल भेज दिया। इस घटना के बाद पूरे इलाके में पुलिस की गतिविधियां तेज हो गईं और आसपास के क्षेत्रों में भी तलाशी अभियान चलाया गया।
घायल बदमाश का बयान बना चर्चा का विषय
मुठभेड़ के बाद जब पुलिस ने आरोपी से पूछताछ शुरू की तो उसने ऐसा बयान दिया जिसने सभी को हैरान कर दिया। आरोपी ने कहा कि उसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का डर तो लगता है, लेकिन इसके बावजूद वह “बदमाशों का देवता” बनना चाहता है। यह बयान सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी इसकी चर्चा शुरू हो गई। बताया जा रहा है कि आरोपी का नाम प्रताप चौधरी है और वह लंबे समय से इलाके में आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी का यह बयान उसके अपराधी मानसिकता को दिखाता है। कई लोगों ने इस बयान को लेकर सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया भी दी और कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं हो सकता। वहीं पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ऐसे बयान से किसी अपराधी को कोई फायदा नहीं मिलने वाला, क्योंकि कानून अपना काम करता रहेगा।
रंगदारी और अन्य मामलों में पहले से दर्ज हैं केस
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि प्रताप चौधरी के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। हाल ही में उस पर स्थानीय व्यापारियों से रंगदारी मांगने का आरोप लगा था। इसी मामले में पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। पुलिस का कहना है कि आरोपी लंबे समय से फरार चल रहा था और इलाके में डर का माहौल बनाने की कोशिश कर रहा था। कई व्यापारियों ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उनसे पैसे की मांग की जा रही है। इन शिकायतों के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी को पकड़ने के लिए विशेष टीम बनाई। मुठभेड़ के दौरान आरोपी के पास से एक अवैध हथियार और कारतूस भी बरामद किए गए हैं। फिलहाल पुलिस उससे जुड़े अन्य मामलों की भी जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसके साथ और कौन-कौन लोग इस नेटवर्क में शामिल हो सकते हैं।
पुलिस का सख्त संदेश – अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी
इस पूरे मामले के बाद पुलिस अधिकारियों ने साफ कहा है कि प्रदेश में अपराध और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उनका कहना है कि किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी। जो लोग अपराध की राह चुनते हैं, उन्हें कानूनी प्रक्रिया का सामना करना ही पड़ता है। घायल आरोपी को फिलहाल अस्पताल में इलाज दिया जा रहा है और स्वास्थ्य ठीक होने के बाद उसे अदालत में पेश किया जाएगा। पुलिस का कहना है कि इस मामले से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों की भी तलाश की जा रही है। साथ ही इलाके में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि आम लोगों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई आगे भी इसी तरह जारी रहेगी।
