कन्नौज जिले के सकरावा कस्बे के मैन बाजार में रविवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब सुबह बाजार खुलते ही दुकानदारों और राहगीरों ने सड़क पर आलू का बड़ा ढेर पड़ा देखा। बाजार की दुकानों के सामने सड़क पर बिखरे आलू देखकर हर कोई हैरान रह गया। बताया जा रहा है कि किसी अज्ञात वाहन द्वारा बड़ी मात्रा में आलू लाकर सड़क पर फेंक दिए गए। आलू सड़क पर फैलने से पूरे बाजार क्षेत्र में अव्यवस्था की स्थिति बन गई। पैदल चलने वाले लोगों को निकलने में परेशानी हुई, वहीं बाजार में खरीदारी के लिए आए लोग भी असमंजस में नजर आए। कुछ ही देर में यह दृश्य पूरे कस्बे में चर्चा का विषय बन गया।
आलू के दाम गिरने से किसानों और व्यापारियों में नाराजगी
स्थानीय व्यापारियों और किसानों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से आलू के दाम लगातार गिरते जा रहे हैं। बाजार में आलू इतनी कम कीमत पर बिक रहा है कि किसानों को उनकी लागत भी नहीं निकल पा रही है। बीज, खाद, सिंचाई और मजदूरी पर जो खर्च आता है, वह भी मौजूदा दामों में वसूल होना मुश्किल हो गया है। व्यापारियों का कहना है कि थोक मंडियों में भी आलू के दाम बेहद नीचे चल रहे हैं, जिससे माल उठाने में भी नुकसान हो रहा है। इसी हताशा और गुस्से के कारण आलू सड़क पर फेंके जाने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि यह कदम किसने उठाया और इसके पीछे क्या मंशा थी।
आवाजाही बाधित, हादसे की आशंका से लोग डरे
सड़क पर आलू बिखरे होने के कारण बाजार से गुजरने वाले दोपहिया और चारपहिया वाहनों की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई। कई बाइक और स्कूटी सवार आलू पर फिसलने से बाल-बाल बचते नजर आए। कुछ वाहन चालकों को मजबूरी में अपने वाहन रोकने पड़े, जिससे बाजार में जाम जैसी स्थिति बन गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सफाई नहीं होती, तो कोई बड़ा हादसा भी हो सकता था। खासकर बुजुर्गों और महिलाओं को सड़क पार करने में काफी दिक्कत हुई। बाजार में मौजूद दुकानदारों ने भी अपनी दुकानों के सामने आलू पड़े होने पर नाराजगी जताई और जल्द से जल्द समाधान की मांग की।
प्रशासन से सफाई और दाम स्थिर करने की मांग
आलू फेंके जाने की घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों ने ग्राम पंचायत और प्रशासन से बाजार की तुरंत सफाई कराने की मांग की है। उनका कहना है कि बाजार क्षेत्र रोजमर्रा की जरूरतों का प्रमुख केंद्र है और यहां इस तरह की अव्यवस्था से आम जनता को परेशानी होती है। साथ ही किसानों और व्यापारियों ने सरकार से आलू के दाम को लेकर ठोस कदम उठाने की भी अपील की है। उनका कहना है कि अगर कीमतों में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो किसानों की हालत और खराब हो सकती है। फिलहाल प्रशासन की ओर से यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आलू किस वाहन से और किसने फेंके, ताकि आगे ऐसी स्थिति दोबारा न बने और बाजार व्यवस्था सुचारु रखी जा सके।
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