उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में शुक्रवार को उस समय राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जब योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला बीच रास्ते में रोक दिया गया। यह घटना रामश्री महाविद्यालय के पास की बताई जा रही है, जहां मंत्री एक सरकारी कार्यक्रम से लौट रहे थे। काफिला रुकते ही मौके पर भीड़ जमा हो गई और नारेबाजी शुरू हो गई। कुछ ही देर में साफ हो गया कि यह विरोध किसी विपक्षी दल का नहीं, बल्कि सत्ताधारी बीजेपी के ही विधायक बृजभूषण राजपूत ऊर्फ गुड्डू भैया की अगुवाई में हो रहा है। मंत्री का काफिला रोकने की खबर फैलते ही स्थानीय प्रशासन भी हरकत में आ गया और पुलिस बल मौके पर तैनात कर दिया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अचानक हुए इस घटनाक्रम से वहां मौजूद लोग भी हैरान रह गए, क्योंकि आमतौर पर ऐसे विरोध सत्ताधारी दल के भीतर कम ही देखने को मिलते हैं।
सड़कें बनीं विवाद की वजह
विरोध की असली वजह क्षेत्र की बदहाल सड़कें बताई जा रही हैं। जानकारी के मुताबिक, जल जीवन मिशन के तहत महोबा जिले के कई गांवों में पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कों को खोदा गया था, लेकिन काम पूरा होने के बाद उनकी मरम्मत ठीक से नहीं कराई गई। इससे ग्रामीणों को रोजमर्रा की आवाजाही में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बीजेपी विधायक बृजभूषण राजपूत का आरोप है कि संबंधित विभाग और ठेकेदारों की लापरवाही के कारण सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। उन्होंने मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के सामने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विधायक का कहना था कि जनता नाराज है और अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो जनआक्रोश और बढ़ सकता है। इसी नाराजगी के चलते विधायक अपने समर्थकों के साथ सड़क पर उतर आए और मंत्री के काफिले को रोककर सीधे अपनी बात रखने लगे।
पुलिस से नोकझोंक, कुछ देर के लिए बिगड़े हालात
काफिला रुकते ही मौके पर मौजूद सीओ सदर और कोतवाल ने हालात संभालने की कोशिश की, लेकिन समर्थकों की भीड़ लगातार बढ़ती चली गई। कुछ देर के लिए वहां धक्का-मुक्की और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस और विधायक समर्थकों के बीच तीखी बहस भी हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस दौरान कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और विधायक बृजभूषण राजपूत के बीच भी कहासुनी हुई, हालांकि किसी तरह की हाथापाई की पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया और भीड़ को समझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद माहौल शांत हुआ और मंत्री का काफिला आगे बढ़ सका। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिससे प्रदेश की राजनीति में इस मुद्दे को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।
कौन हैं बृजभूषण राजपूत और क्यों अहम है यह घटना
बृजभूषण राजपूत ऊर्फ गुड्डू भैया महोबा जिले की चरखारी विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक हैं। वह क्षेत्र में एक प्रभावशाली नेता माने जाते हैं और इससे पहले 2012 और 2017 के विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं। सत्ताधारी दल के विधायक द्वारा अपनी ही सरकार के मंत्री का काफिला रोकना राजनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि यह घटना सरकार के भीतर असंतोष और स्थानीय समस्याओं की गंभीरता को दर्शाती है। सड़क और बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी दिक्कतें अब खुलकर सामने आने लगी हैं। फिलहाल प्रशासन की ओर से मामले में जांच और समाधान का आश्वासन दिया गया है, लेकिन यह देखना दिलचस्प होगा कि आगे सरकार इस मुद्दे पर क्या कदम उठाती है। महोबा की इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जमीनी मुद्दे अगर लंबे समय तक अनदेखे रहें, तो वे सियासत का बड़ा रूप ले सकते हैं।
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