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यूपी में गन्ना किसानों पर वसूली का खेल हुआ खत्म, योगी सरकार ने चीनी मिलों को दिया ये बड़ा आदेश

यूपी सरकार ने गन्ना किसानों से लोडिंग व अनलोडिंग शुल्क वसूलने पर चीनी मिलों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का एलान किया है। गन्ना आयुक्त ने सख्त निर्देश जारी कर किसानों की शिकायतों का तुरंत समाधान करने को कहा।

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उत्तर प्रदेश में गन्ना किसानों के लिए राहत की खबर है। हाल ही में किसानों ने चीनी मिलों द्वारा गन्ना लोडिंग और अनलोडिंग के लिए अतिरिक्त शुल्क वसूलने की शिकायत की थी, जिस पर योगी सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस. ने स्पष्ट किया कि किसी भी चीनी मिल या वाह्य गन्ना क्रय केंद्र द्वारा किसानों से लोडिंग और अनलोडिंग के नाम पर कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। इसके उल्लंघन की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

गन्ना आयुक्त ने क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे सुनिश्चित करें कि किसानों के साथ कोई भी अनुचित व्यवहार न हो और गन्ने की तौल या घटतौली में कोई शिकायत न आए। उन्होंने यह भी कहा कि गन्ना ताजा, साफ-सुथरा और पूरी तरह स्वच्छ होना चाहिए। इसके अलावा, उप चीनी आयुक्त और सहायक चीनी आयुक्त को गन्ना पूर्ति और खरीद विनियम 1954 के तहत नियमों का सख्ती से पालन कराना होगा।

लोडिंग और अनलोडिंग शुल्क पर मिली सख्त चेतावनी

गन्ना आयुक्त ने बताया कि बाहरी गन्ना क्रय केंद्रों पर किसानों से लोडिंग और अनलोडिंग शुल्क वसूली की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इसे गंभीर मानते हुए, उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार का शुल्क वसूली न हो। गन्ना अधिकारियों को यह भी ध्यान रखना होगा कि किसानों को गन्ना बेचने में किसी तरह की असुविधा न हो।

गन्ना आयुक्त ने कहा कि नियमों का पालन न करने वाले अधिकारियों और चीनी मिलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। किसानों के हितों की सुरक्षा के लिए यह कदम आवश्यक है क्योंकि गन्ना उद्योग प्रदेश की आर्थिक स्थिति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसके अलावा, अधिकारियों को गन्ना तौल, घटतौली और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण करना होगा।

यूपी पॉवर कॉरपोरेशन में भी हुई कार्रवाई

इस बीच, यूपी पॉवर कॉरपोरेशन में भी प्रशासनिक कार्रवाई की खबर सामने आई है। यूपी पॉवर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल ने मिर्जापुर और सीतापुर के मुख्य अभियंताओं को लापरवाही और बिजली व्यवस्था में शिथिलता के चलते तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए। दोनों अधिकारियों पर अपेक्षित राजस्व वसूली न होने, ट्रांसफार्मर अधिक क्षतिग्रस्त होने और अन्य कार्यों में प्रगति न होने के कारण यह कार्रवाई की गई।

यह कार्रवाई यह संकेत देती है कि योगी सरकार राज्य में किसानों और आम जनता के हितों की रक्षा के लिए कोई भी समझौता नहीं करेगी। चाहे वह गन्ना किसानों का मामला हो या बिजली व्यवस्था, अधिकारियों को जिम्मेदारी और पारदर्शिता के साथ काम करना होगा। इस कदम से राज्य में प्रशासनिक गंभीरता और जवाबदेही का संदेश गया है।

गन्ना उद्योग में सुधार और किसानों की सुरक्षा

गन्ना आयुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि गन्ना मिलों और वाह्य गन्ना क्रय केंद्रों में गन्ने की आपूर्ति ताजा और साफ-सुथरी हो। किसानों को उनकी मेहनत का पूरा मुआवजा मिले, यह सरकार की प्राथमिकता है। इसके अलावा, गन्ना तौल और घटतौली की शिकायतों पर भी त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

यह कदम गन्ना किसानों के लिए बहुत बड़ी राहत साबित होगा। लंबे समय से गन्ना किसानों को लोडिंग और अनलोडिंग शुल्क जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता था, जिससे उनकी आमदनी प्रभावित होती थी। अब योगी सरकार की सख्ती के बाद यह प्रणाली अधिक पारदर्शी और किसानों के अनुकूल होगी। इससे प्रदेश में गन्ना उद्योग की स्थिरता और किसानों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

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