उत्तर प्रदेश में पिछले करीब 48 घंटे से लगातार बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं। बारिश से जुड़े अलग-अलग हादसों में अब तक 13 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है। प्रदेश के करीब 32 जिलों में बाढ़ का खतरा बताया जा रहा है। राजधानी लखनऊ में कई जगह सड़कों पर पानी भर गया है और कुछ इलाकों में घरों के अंदर तक पानी पहुंच गया। तेज हवा के कारण पेड़ गिरने की घटनाएं भी सामने आई हैं। सीतापुर में सड़क पर बड़ा पेड़ गिरने से यातायात प्रभावित हुआ, जिसका वीडियो भी सामने आया है।
हादसों में गई कई जानें, एक्सप्रेसवे पर पलटी कार
बारिश और आंधी के कारण कई जगह सड़क हादसे भी हुए हैं। लखीमपुर और बाराबंकी में दीवार गिरने से तीन-तीन लोगों की मौत हुई, जबकि हमीरपुर और फतेहपुर में एक-एक व्यक्ति की जान गई। आगरा में बारिश के दौरान तेज रफ्तार कार फिसलकर पलट गई, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई। लखीमपुर में ट्रॉली से टकराने के बाद अर्टिगा कार खाई में जा गिरी और दो लोगों की मौत हो गई। कन्नौज में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर तेज हवा और बारिश के बीच कार पलट गई। कार में फंसे पांच लोगों को बाहर निकाल लिया गया।
14 राज्यों में अलर्ट, पहाड़ों पर बर्फबारी से बढ़ी मुश्किल
मौसम में बदलाव का असर उत्तर प्रदेश के अलावा कई राज्यों में दिखाई दे रहा है। बंगाल की खाड़ी से बना मौसमी सिस्टम दक्षिण छत्तीसगढ़ होते हुए उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ रहा है। इसके प्रभाव से राजस्थान, मध्य प्रदेश समेत 14 राज्यों में मौसम को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। बिहार में सुपौल के करीब 50 गांव बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं और 19 जिलों में यलो अलर्ट है। वहीं उत्तराखंड के हेमकुंड साहिब और बद्रीनाथ में बर्फबारी हुई है। पिथौरागढ़-घाट मार्ग पर लैंडस्लाइड के कारण 300 से ज्यादा वाहन फंस गए। छत्तीसगढ़ के दुर्ग में शिवनाथ नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद कुम्हारी क्षेत्र में फंसे करीब 50-55 लोगों को नगर सेना और SDRF ने रातभर चले रेस्क्यू अभियान में सुरक्षित बाहर निकाला।
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