Bikaner News: राजस्थान के बीकानेर से सामने आई एक भावुक घटना ने लोगों को झकझोर दिया। यहां एक रिटायर्ड अधिकारी ने अपनी दिवंगत पत्नी को शादी के समय जैसी विदाई देने का फैसला किया। पत्नी को दुल्हन की तरह सजाया गया, जबकि पति खुद दूल्हे के कपड़ों में तैयार होकर अंतिम यात्रा में शामिल हुए। गाजे-बाजे के साथ निकली इस अंतिम यात्रा में एक तरफ शादी की यादें थीं तो दूसरी ओर हमेशा के लिए बिछड़ने का गम। यह दृश्य देखने वाले लोगों के लिए भी बेहद भावुक करने वाला रहा।
42 साल साथ निभाने के बाद पत्नी को दी ऐसी विदाई
बीकानेर के गंगाशहर रोड स्थित बाफना स्कूल के पास रहने वाले सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के रिटायर्ड सहायक प्रशासनिक अधिकारी राजेन्द्र प्रसाद जोशी की पत्नी अमिता जोशी का गुरुवार रात लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। अमिता की उम्र 63 वर्ष थी। पत्नी के निधन के बाद परिवार में मातम छा गया। इसी बीच राजेन्द्र जोशी ने तय किया कि जिस तरह वह अमिता को शादी के बाद अपने घर लेकर आए थे, उसी तरह उन्हें सुहागन के रूप में अंतिम विदाई देंगे। परिजनों ने अमिता को लाल रंग के दुल्हन वाले कपड़े और आभूषणों से सजाया। वहीं करीब 65 वर्षीय राजेन्द्र जोशी भी दूल्हे के रूप में तैयार हुए। उनका यह फैसला रिश्ते के प्रति उनके गहरे लगाव को दिखाता है।
बैंड-बाजे के साथ निकली अंतिम यात्रा, आगे शादी की धुनें बजती रहीं
शुक्रवार को जब अमिता जोशी की अंतिम यात्रा उनके घर से निकली तो माहौल बेहद अलग नजर आया। यात्रा में बैंड-बाजा आगे चल रहा था और शादी से जुड़ी पारंपरिक धुनें बजाई जा रही थीं। दूसरी ओर परिवार के सदस्य, रिश्तेदार और परिचित रामनाम संकीर्तन करते हुए आगे बढ़ रहे थे। राजेन्द्र जोशी अपनी पत्नी की अर्थी के साथ दूल्हे के रूप में चल रहे थे। अंतिम यात्रा में शामिल लोगों के लिए यह दृश्य भावुक कर देने वाला था। एक ओर बैंड की धुनें थीं, तो दूसरी ओर जीवनसाथी को खोने का दर्द। जैसे ही यात्रा मोक्षधाम पहुंची, राजेन्द्र जोशी अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके और फूट-फूटकर रोने लगे। उन्हें इस तरह रोता देखकर वहां मौजूद परिजन और परिचित भी भावुक हो गए।
श्रीनगर में हुई थी शादी, बीकानेर में शुरू हुआ साथ का सफर
राजेन्द्र प्रसाद जोशी और अमिता जोशी का विवाह 18 फरवरी 1984 को उत्तराखंड के श्रीनगर में हुआ था। शादी के बाद अमिता बीकानेर आ गईं और यहीं उनका पारिवारिक जीवन आगे बढ़ा। करीब 42 वर्षों के वैवाहिक सफर में दोनों ने सुख-दुख में एक-दूसरे का साथ निभाया। राजेन्द्र जोशी के मुताबिक, अमिता ने पत्नी और मां के रूप में परिवार की जिम्मेदारियां पूरी निष्ठा से निभाईं। लंबे समय से वह किडनी संबंधी बीमारी से परेशान थीं। इलाज के दौरान परिवार ने उनका साथ दिया, लेकिन गुरुवार रात उनका निधन हो गया। उनके निधन से परिवार और परिचितों में शोक की लहर है। राजेन्द्र जोशी के लिए पत्नी की यह विदाई उनके जीवन के सबसे कठिन पलों में से एक रही।
दो बेटों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गईं अमिता
अमिता जोशी अपने पीछे पति के साथ दो बेटों का परिवार छोड़ गई हैं। उनके बड़े बेटे अमित इंजीनियर हैं, जबकि छोटे बेटे अभिषेक वेटरनरी डॉक्टर हैं। पत्नी की अंतिम यात्रा में राजेन्द्र जोशी का दूल्हे के रूप में शामिल होना पूरे परिवार के लिए भावुक पल रहा। अंतिम संस्कार में सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के पूर्व अधिकारी और कर्मचारी, स्थानीय लोग, रिश्तेदार तथा परिचित बड़ी संख्या में पहुंचे। सभी ने अमिता जोशी को श्रद्धांजलि दी। अंतिम यात्रा का यह तरीका लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया है। 42 साल के वैवाहिक रिश्ते के बाद पत्नी को दुल्हन की तरह सजाकर विदा करने का फैसला इस परिवार के लिए जीवनभर याद रहने वाला भावुक क्षण बन गया।
