उत्तर प्रदेश के जालौन जिले के औरखी गांव में एक संवेदनशील और झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां 7 सितंबर 2025 को सुरेश कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मौत के बाद परिवार में संपत्ति को लेकर उठे विवाद और आपसी मतभेदों के कारण सुरेश का अंतिम संस्कार दो दिनों तक टलता रहा। शव घर में ही पड़ा रहा और परिजनों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला चलता रहा। मामला गंभीर होता देख पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया गया।
बेटी ने निभाया बेटे का फर्ज, अंतिम विदाई में उठाए सवाल
मृतक की विवाहिता पुत्री शिल्पी ने समाज की परंपराओं को तोड़ते हुए अपने पिता को मुखाग्नि दी। चिता को आग देने से पहले शिल्पी ने यह कहते हुए सबको चौंका दिया कि यह मौत सामान्य नहीं है बल्कि इसमें किसी साजिश की बू आ रही है। शिल्पी का कहना है कि उनके पिता की हत्या की गई है और यह एक सुनियोजित षड्यंत्र हो सकता है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। सुरेश कुमार के कोई पुत्र नहीं था, ऐसे में बेटी ने पिता की अंतिम क्रिया पूरी कर एक मिसाल कायम की।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतज़ार, पुलिस कर रही है जांच
फिलहाल पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। ग्रामीणों और आस-पड़ोस के लोगों का कहना है कि परिवार में लंबे समय से तनाव था और संपत्ति को लेकर विवाद गहराता जा रहा था। अब जब बेटी ने हत्या की आशंका जताई है, तो जांच की दिशा बदल सकती है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए गहराई से छानबीन कर रही है। मामला संवेदनशील होने के कारण प्रशासन भी नजर बनाए हुए है।
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