उत्तर प्रदेश में मौलाना जर्जिस अंसारी का एक और बयान चर्चा में आ गया है। इस बार उन्होंने फिलिस्तीन का जिक्र करते हुए यूपी के मुसलमानों को एकजुट होने की अपील की है। मौलाना ने दावा किया कि योगी सरकार के शासन में मुस्लिम समुदाय के भीतर डर का माहौल है। उन्होंने आशंका जताई कि यदि मौजूदा सरकार दोबारा सत्ता में आई तो प्रदेश में मुसलमानों के घरों पर बुलडोजर चल सकते हैं और उन्हें जलाया जा सकता है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में प्रतिक्रिया तेज हो गई है। मौलाना ने अपने भाषण में लोगों से एकजुट रहने और आगामी चुनाव में सरकार को दोबारा सत्ता में आने से रोकने की अपील भी की। हालांकि, उनके दावों को लेकर अलग-अलग संगठनों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं।
मुसलमानों से एकजुट होने की अपील
मौलाना जर्जिस अंसारी ने अपने संबोधन में कहा कि मुस्लिम समुदाय बिखरा हुआ है और अब उसे अपनी एकता दिखाने की जरूरत है। उन्होंने फिलिस्तीन की स्थिति का उदाहरण देते हुए यूपी के मुसलमानों को आगाह किया। उनके मुताबिक, समुदाय को राजनीतिक रूप से एकजुट होना होगा, ताकि भविष्य में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। मौलाना ने योगी सरकार को लेकर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यदि यह सरकार फिर से सत्ता में आती है तो मुसलमानों के घरों को नुकसान पहुंचाया जा सकता है और बुलडोजर कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने अपने समर्थकों से किसी भी हाल में मौजूदा सरकार की वापसी रोकने की अपील की। उनके इस बयान को लेकर अब राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। खासतौर पर फिलिस्तीन की तुलना उत्तर प्रदेश से करने और घर जलाए जाने की आशंका जताने वाली टिप्पणी पर सवाल उठाए जा रहे हैं।
CJP के जंतर-मंतर आंदोलन को बताया अपने लिए राहत
अपने भाषण में मौलाना जर्जिस ने CJP के आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि उनके पिछले बयान के बाद कार्रवाई की आशंका थी, लेकिन इसी दौरान CJP का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू हो गया। मौलाना के अनुसार, इस आंदोलन की वजह से उनके मामले से जुड़ी खबरों पर चर्चा कम हो गई और उन्हें राहत मिली। उन्होंने इसे अपने लिए रहमत जैसा बताया। इसके साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां मुस्लिम समुदाय की गलती के कारण हालात बिगड़े और अब उत्तर प्रदेश में ऐसी स्थिति नहीं बनने देनी चाहिए। उन्होंने लोगों से राजनीतिक मामलों में सतर्क रहने और एकजुट होकर अपनी भूमिका निभाने की अपील की। हालांकि, उनके इस बयान में पश्चिम बंगाल को लेकर किए गए दावों पर भी सवाल उठ सकते हैं।
राम-कृष्ण पर टिप्पणी को लेकर पहले भी हुआ था विवाद
मौलाना जर्जिस अंसारी पहले भी अपने बयानों को लेकर विवादों में रह चुके हैं। कुछ समय पहले भगवान राम और भगवान कृष्ण को लेकर की गई उनकी टिप्पणी पर हिंदू संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई थी। इस मामले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की भी खबर सामने आई थी। इसके अलावा वह मुसलमानों को पश्चिम बंगाल में बसने की सलाह देने जैसी बात भी कह चुके हैं। लगातार सामने आ रहे बयानों के कारण उनका नाम विवादों में बना हुआ है। ताजा बयान में भी उन्होंने समुदाय को एकजुट होने का संदेश देते हुए सरकार के खिलाफ राजनीतिक अपील की है।
अयोध्या के महंत ने की मुकदमा दर्ज करने की मांग
मौलाना जर्जिस अंसारी के ताजा बयान पर अयोध्या के महंत विष्णु दास ने नाराजगी जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौलाना अपने बयानों के जरिए मुस्लिम समुदाय को भड़काने का प्रयास कर रहे हैं। महंत ने उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की है। इसके अलावा कुछ अन्य संगठनों ने भी बयान पर आपत्ति जताई है। फिलहाल इस मामले में प्रशासन की ओर से किसी कार्रवाई की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में अब नजर इस बात पर रहेगी कि मौलाना के बयान को लेकर पुलिस या प्रशासन क्या कदम उठाता है और इस विवाद पर राजनीतिक दलों की क्या प्रतिक्रिया आती है।
