समाजवादी पार्टी के नेता आजम खान (Azam Khan) को रविवार को गाजियाबाद की विशेष अदालत में पेश किया गया। जौहर ट्रस्ट से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनकी पेशी को देखते हुए कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। पुलिस बल की तैनाती के साथ ही आसपास के इलाके में भी निगरानी रखी गई। आजम खान के कोर्ट पहुंचने की खबर मिलते ही उनके समर्थकों और स्थानीय लोगों की भीड़ जुटने लगी। कोर्ट परिसर के आसपास काफी देर तक लोगों का जमावड़ा लगा रहा। इस दौरान हर किसी की नजर अदालत की कार्यवाही और प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अगले कदम पर बनी रही।
रामपुर जेल से बाहर आते ही ED ने किया था गिरफ्तार
आजम खान (Azam Khan) की गिरफ्तारी का घटनाक्रम भी काफी चर्चा में है। दरअसल, शनिवार को रामपुर जेल से रिहा होने के तुरंत बाद प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। यह कार्रवाई मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर विश्वविद्यालय से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में की गई है। जेल से बाहर आने के बाद आजम खान (Azam Khan) को एक बार फिर जांच एजेंसी की कार्रवाई का सामना करना पड़ा। इस घटनाक्रम के बाद समाजवादी पार्टी के समर्थकों और राजनीतिक हलकों में मामले को लेकर चर्चाएं तेज हो गईं।
जौहर ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन को लेकर ED की जांच
प्रवर्तन निदेशालय इस मामले में जौहर ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय लेनदेन और कथित अनियमितताओं की जांच कर रहा है। जांच एजेंसी को आजम खान (Azam Khan) से ट्रस्ट के आर्थिक मामलों, पैसों के लेनदेन और उससे जुड़े अन्य पहलुओं पर पूछताछ करनी है। इसी सिलसिले में ED उन्हें गाजियाबाद की विशेष पीएमएलए अदालत में लेकर पहुंची। एजेंसी अदालत से पूछताछ के लिए कस्टडी रिमांड मांग सकती है। रिमांड मिलने की स्थिति में जांच अधिकारी आजम खान (Azam Khan) से मामले से जुड़े दस्तावेजों और वित्तीय गतिविधियों के बारे में सवाल कर सकते हैं। हालांकि, आगे की कार्रवाई अदालत के आदेश पर निर्भर करेगी।
कोर्ट के फैसले पर टिकी नजरें, समर्थकों में भी हलचल
आजम खान (Azam Khan) की पेशी के दौरान अदालत परिसर के बाहर समर्थकों और लोगों की मौजूदगी ने मामले को और चर्चा में ला दिया। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिसकर्मी लगातार स्थिति पर नजर बनाए रहे। फिलहाल इस मामले में सबसे अहम सवाल यही है कि अदालत ED की रिमांड मांग पर क्या फैसला सुनाती है। अगर एजेंसी को कस्टडी रिमांड मिलती है तो आजम खान (Azam Khan) से पूछताछ का रास्ता साफ हो सकता है। वहीं, अदालत के आदेश के बाद ही उनकी आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी। जौहर ट्रस्ट से जुड़े इस मामले में अब सभी की निगाहें कोर्ट की कार्यवाही और ED की जांच पर टिकी हैं।
