महिला पहलवानों से जुड़े यौन उत्पीड़न मामले में पूर्व WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) के खिलाफ कानूनी मामला एक बार फिर चर्चा में है। चार महिला पहलवानों ने राउज एवेन्यू कोर्ट में निचली अदालत के फैसले को चुनौती दी है। पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह के साथ सह-आरोपी रहे विनोद तोमर को बरी किए जाने के आदेश के खिलाफ भी अपील की है। यह याचिका 25 सितंबर 2026 को दाखिल की गई।
3 अगस्त के फैसले पर उठाए सवाल
निचली अदालत ने 3 अगस्त 2026 को बृजभूषण शरण सिंह (Brij Bhushan Sharan Singh) और विनोद तोमर को मामले में बरी कर दिया था। इसके बाद अब महिला पहलवानों ने उस आदेश को सेशन कोर्ट में चुनौती दी है। अपील में दावा किया गया है कि निचली अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों का सही तरीके से आकलन नहीं किया और कुछ पहलुओं को चुनिंदा तरीके से देखा गया। पहलवानों की ओर से अदालत के फैसले की कानूनी वैधता पर भी सवाल उठाए गए हैं।
पीड़ितों के व्यवहार को लेकर भी जताई आपत्ति
अपील में महिला पहलवानों की ओर से यह भी कहा गया है कि निचली अदालत के फैसले में यौन उत्पीड़न के मामलों में पीड़ित के व्यवहार को लेकर कुछ पारंपरिक धारणाओं पर भरोसा किया गया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि शिकायतकर्ताओं के बयानों और परिस्थितियों का मूल्यांकन करते समय उनकी स्थिति को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। ये अपील में लगाए गए पक्षकारों के तर्क हैं; इन पर अदालत का फैसला आना अभी बाकी है।
अब अदालत में होगी अगली सुनवाई
महिला पहलवानों की इस अपील पर राउज एवेन्यू कोर्ट में स्पेशल जज दिग विनय सिंह के सामने सुनवाई सूचीबद्ध की गई है। ताजा उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक सुनवाई 26 सितंबर 2026 को होनी है। इसलिए आपके दिए मैटर में 28 सितंबर की तारीख बताई गई है, लेकिन वर्तमान रिपोर्टों में 26 सितंबर की तारीख दर्ज है। मामले की सुनवाई में अदालत यह देखेगी कि दाखिल चुनौती पर आगे किस तरह की कानूनी कार्यवाही की जा सकती है।
