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गाजीपुर हत्याकांड में बड़ा खुलासा! एक लाख का इनामी आरोपी एनकाउंटर में ढेर, अब खुलेंगे कई राज

गाजीपुर के चर्चित विनीत राय हत्याकांड में बड़ा मोड़। एक लाख रुपये का इनामी आरोपी कमलेश बिंद पुलिस मुठभेड़ में ढेर। हत्या की साजिश, गैंग कनेक्शन और रंगदारी के आरोपों को लेकर जांच तेज, जानिए पूरा मामला।

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गाजीपुर में चर्चित होटल कारोबारी विनीत राय हत्याकांड ने पिछले कुछ दिनों से पूरे जिले में सनसनी फैला रखी थी। अब इस मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस और एसओजी की संयुक्त टीम ने हत्या के मामले में वांछित एक लाख रुपये के इनामी आरोपी कमलेश बिंद को मुठभेड़ के दौरान मार गिराया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी की लोकेशन मिलने के बाद विशेष अभियान चलाया गया। सूचना थी कि वह कोतवाली क्षेत्र के कुर्था इलाके में स्थित पौहारी बाबा आश्रम के आसपास छिपा हुआ है। इसके बाद इलाके की घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ने की कोशिश की गई। पुलिस का कहना है कि आरोपी को आत्मसमर्पण का मौका दिया गया, लेकिन उसने कथित तौर पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। घायल अवस्था में उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस कार्रवाई के बाद हत्याकांड की जांच और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।

 29 मई की रात हुई थी सनसनीखेज हत्या

विनीत राय की हत्या 29 मई की रात उस समय हुई थी जब वह अपने होटल के बाहर मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, चार नकाबपोश हमलावर अचानक वहां पहुंचे और ताबड़तोड़ गोलियां चलानी शुरू कर दीं। गोली लगने से गंभीर रूप से घायल विनीत राय को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया था। पुलिस ने शुरुआती जांच के आधार पर कई संदिग्धों की पहचान की और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। जांच में जिन लोगों के नाम सामने आए, उनमें शंकर पांडेय, कमलेश चौधरी, सोनू यादव और मोनू त्रिपाठी शामिल बताए गए। पुलिस का मानना है कि वारदात पूरी योजना के तहत अंजाम दी गई थी और इसमें कई लोगों की भूमिका हो सकती है। यही वजह है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए विभिन्न टीमों को जांच में लगाया गया।

 व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए रची गई थी हत्या की साजिश?

जांच के दौरान पुलिस को कुछ ऐसे डिजिटल सुराग मिले हैं, जिन्होंने इस मामले को और भी गंभीर बना दिया है। अधिकारियों के अनुसार, हत्या की योजना कथित तौर पर एक व्हाट्सएप ग्रुप में तैयार की गई थी। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि वारदात से पहले आरोपियों के बीच किस तरह की बातचीत हुई थी और किसने पूरी साजिश को संचालित किया। पुलिस सूत्रों का दावा है कि हमले के तरीके, इस्तेमाल होने वाले हथियार और फायरिंग की रणनीति तक पहले से तय की गई थी। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर मुख्य आरोपी की भूमिका को भी खंगाला जा रहा है। डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इस पूरे षड्यंत्र में कौन-कौन लोग शामिल थे। पुलिस का मानना है कि आने वाले दिनों में इस मामले से जुड़े और भी अहम खुलासे हो सकते हैं।

 रंगदारी, गैंग कनेक्शन और फरार आरोपियों की तलाश जारी

मृतक विनीत राय के परिजनों ने इस मामले को केवल हत्या नहीं, बल्कि लंबे समय से चल रहे दबाव और धमकियों का परिणाम बताया है। परिवार का आरोप है कि पिछले दो वर्षों से कुछ लोग लगातार रंगदारी की मांग कर रहे थे और कारोबारी पर दबाव बनाया जा रहा था। परिजनों का कहना है कि होटल की व्यावसायिक अहमियत और उसकी बढ़ती कीमत को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई थी। जांच के दौरान एक कथित गैंग का नाम भी सामने आया है, जिसके बारे में कहा जा रहा है कि उसके सदस्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल कर प्रभाव दिखाने की कोशिश करते थे। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की गतिविधियों की भी जांच कर रही है। साथ ही फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और सभी आरोपियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा। फिलहाल पूरे जिले की नजर इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड की आगे की जांच और संभावित खुलासों पर टिकी हुई है।

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