उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में बेतवा नदी पर बन रहे निर्माणाधीन पुल के गिरने के बाद सियासत तेज हो गई है। हादसे में कई मजदूरों की मौत और कई लोगों के घायल होने की खबर के बाद विपक्ष ने राज्य सरकार पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस घटना को लेकर भाजपा सरकार को सीधे निशाने पर लिया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह निर्माणाधीन पुल तेज हवा और आंधी में टूटकर गिर रहे हैं, उससे प्रदेश में हो रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। अखिलेश यादव ने कहा कि अगर निर्माणाधीन पुल ही हवा का दबाव नहीं झेल पा रहे हैं, तो उन पर भारी ट्रैफिक चलने के बाद क्या हाल होगा, इसकी कल्पना भी डर पैदा करती है। उन्होंने इस हादसे को भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी का परिणाम बताते हुए सरकार से जवाब मांगा है। हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है और प्रशासन की टीमें मौके पर तैनात हैं।
‘भाजपा राज में हर निर्माण भ्रष्टाचार की भेंट’
हमीरपुर हादसे को लेकर अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लंबी पोस्ट साझा की। उन्होंने मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि हादसे में जान गंवाने वाले मजदूरों के परिवारों को उचित मुआवजा और सम्मान मिलना चाहिए। साथ ही उन्होंने सरकार से राहत कार्य तेज करने की मांग की। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में निर्माण कार्यों में भारी भ्रष्टाचार हो रहा है। उनके मुताबिक, सरकारी परियोजनाओं में कमीशनखोरी इतनी बढ़ चुकी है कि निर्माण की गुणवत्ता पूरी तरह प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि कभी पुल गिर रहा है, कभी पानी की टंकी ढह रही है, तो कहीं सरकारी भवनों की छतें टपक रही हैं। अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि विकास योजनाओं में पारदर्शिता की कमी के कारण आम जनता की जान जोखिम में पड़ रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में हो रहे बड़े निर्माण कार्यों की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसे हादसे रोके जा सकें।
सपा नेताओं ने भी सरकार को घेरा
हमीरपुर पुल हादसे को लेकर समाजवादी पार्टी के अन्य नेताओं ने भी सरकार पर हमला बोला है। सपा प्रवक्ता मनोज काका ने कहा कि अगर एक निर्माणाधीन पुल केवल आंधी और तेज हवा की वजह से गिर जाता है, तो यह सीधे तौर पर निर्माण में लापरवाही और भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में विकास योजनाएं केवल कागजों पर मजबूत दिखाई जाती हैं, जबकि जमीन पर उनकी स्थिति बेहद खराब है। मनोज काका ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सवाल पूछते हुए कहा कि आखिर ऐसे हादसों की जिम्मेदारी कौन लेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार जनता की सुरक्षा के बजाय केवल प्रचार में व्यस्त दिखाई दे रही है। सपा नेताओं ने मांग की है कि हादसे की उच्चस्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इस बीच स्थानीय लोगों में भी हादसे को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि अगर निर्माण कार्य सही तरीके से हुआ होता, तो इतनी बड़ी दुर्घटना नहीं होती।
आंधी-तूफान में गिरा पुल, कई परिवारों में मातम
दरअसल, हमीरपुर जिले में बेतवा नदी पर एक नया पुल बनाया जा रहा था। शुक्रवार देर रात आई तेज आंधी और तूफान के दौरान पुल का बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के समय वहां कई मजदूर काम कर रहे थे, जिनमें से कई मलबे के नीचे दब गए। अब तक छह मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई घायलों का इलाज अस्पताल में चल रहा है। प्रशासन और राहत दलों ने मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया। क्रेन और अन्य मशीनों की मदद से मलबा हटाने का काम जारी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। वहीं विपक्ष लगातार इस हादसे को लेकर सरकार को घेर रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि जांच रिपोर्ट में हादसे की असली वजह क्या सामने आती है और क्या निर्माण एजेंसी या अधिकारियों पर कार्रवाई होती है।
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