उत्तर प्रदेश के हाईटेक शहर नोएडा से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। फेज-3 थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मामूरा गांव की एक बहुमंजिला इमारत में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने इतना विकराल रूप धारण कर लिया कि पूरी इमारत जहरीले काले धुएं और धधकती लपटों के घेरे में आ गई। उस वक्त इमारत के भीतर 50 से ज्यादा लोग गहरी नींद में सो रहे थे। जैसे ही लोगों को दम घुटने का अहसास हुआ, वहां चीख-पुकार और हड़कंप मच गया। निकास द्वारों और सीढ़ियों पर भारी धुआं जमा होने के कारण लोगों का बाहर निकलना असंभव हो गया था। जान बचाने के लिए लोग खिड़कियों और छतों की तरफ भागे और मदद के लिए गुहार लगाने लगे।
बांस की बल्लियों पर टिका जीवन: जान दांव पर लगाकर भागे बेबस लोग
जब मौत सामने खड़ी हो, तो इंसान हर मुमकिन रास्ता तलाशता है। इस हादसे के दौरान भी कुछ ऐसा ही खौफनाक मंजर देखने को मिला। जब इमारत के अंदर से बाहर निकलने के सारे रास्ते बंद हो गए, तो लोगों ने जान बचाने के लिए बड़ा रिस्क लिया। कुछ लोग खिड़कियों से लटकते दिखाई दिए, तो वहीं कुछ परिवारों ने सूझबूझ और अदम्य साहस का परिचय देते हुए बांस की लंबी बल्लियों का सहारा लिया। कड़े संघर्ष के बीच, लोग एक छत से दूसरी छत पर बांस के सहारे रेंगते हुए और छलांग लगाते हुए नजर आए। नीचे खड़े स्थानीय लोग इस मंजर को देखकर दहल उठे। ग्रामीणों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग को इस भयावह स्थिति की सूचना दी।
दहशत के बीच दमकल का महा-रेस्क्यू: 48 को निकाला सुरक्षित, 2 की मौत से मातम
सूचना मिलते ही फेज-3 थाने की पुलिस और फायर ब्रिगेड की गाड़ियां भारी दलबल के साथ मौके पर पहुंच गईं। पूरी इमारत में कार्बन मोनोऑक्साइड और जहरीला धुआं भरा होने के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन बेहद चुनौतीपूर्ण और जानलेवा था। लेकिन दमकल कर्मियों ने अपनी जान की परवाह न करते हुए मोर्चा संभाला। नोएडा के चीफ फायर ऑफिसर (CFO) ने बताया कि कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। दमकल की मुस्तैदी से 48 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि, इस दर्दनाक घटना में दो लोगों की जान नहीं बचाई जा सकी और मौके पर ही उनकी मौत की पुष्टि हुई है, जिससे पूरे मामूरा गांव में मातम पसरा हुआ है।
इलेक्ट्रिक बाइक की बैटरी बनी काल? हादसे की असली वजह की जांच शुरू
शुरुआती जांच और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर इस भीषण अग्निकांड की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। बताया जा रहा है कि इमारत के ग्राउंड फ्लोर या पार्किंग एरिया में एक इलेक्ट्रिक बाइक खड़ी थी। अचानक उसकी बैटरी में तेज स्पार्किंग हुई और जोरदार धमाके के साथ आग लग गई। इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी से निकली आग ने चंद सेकंडों में ही पूरी बिल्डिंग को अपनी आगोश में ले लिया। फिलहाल, फायर विभाग और पुलिस प्रशासन की टीमें इस मामले की गहराई से जांच कर रही हैं कि क्या बिल्डिंग में सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं। इस घटना ने एक बार फिर रिहायशी इलाकों में इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग और सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
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