Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के जानकीपुरम इलाके से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने मानवीय संवेदनाओं को तार-तार कर दिया है। यह कहानी स्कूल के समय की जान-पहचान से शुरू हुई थी, जो आगे चलकर एक खौफनाक साजिश में बदल गई। आरोपी मोहम्मद फराज, जो महिगवां में एक जनसेवा केंद्र (CSC) चलाता है, उसने बख्शी का तालाब क्षेत्र की रहने वाली एक युवती को अपने प्रेम जाल में फंसाया। पीड़िता को क्या मालूम था कि जिसे वह अपना हमसफर समझ रही है, वही उसकी जिंदगी नर्क बनाने वाला है। पुलिस के अनुसार, 15 अक्टूबर 2025 को फराज ने युवती को जानकीपुरम की 60 फिट रोड स्थित एक होटल में बुलाया। वहां उसने युवती को कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिला दिया और बेहोशी की हालत में उसके साथ हैवानियत की। इस दौरान आरोपी ने युवती के आपत्तिजनक वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिए, जो बाद में ब्लैकमेलिंग का हथियार बने।
धर्म परिवर्तन का दबाव और अमानवीय मांगें
जब युवती को होश आया और उसने विरोध किया, तो फराज ने उसे वीडियो दिखाकर चुप करा दिया। इसके बाद जुल्म का जो सिलसिला शुरू हुआ, वह किसी के भी रोंगटे खड़े कर सकता है। आरोपी केवल शारीरिक शोषण तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि उसने युवती पर धर्म परिवर्तन (निकाह के लिए धर्मांतरण) करने का भारी दबाव बनाना शुरू कर दिया। हद तो तब हो गई जब आरोपी ने पीड़िता के सामने अपनी मर्दानगी और नैतिकता को ताक पर रखते हुए एक ऐसी मांग रख दी जिसे सुनकर हर कोई दंग है। पीड़िता का आरोप है कि फराज उसे अपने दोस्तों और अपने भाई के साथ भी शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर करने लगा। वह लगातार धमकी देता था कि अगर उसकी बातें नहीं मानी गईं, तो वह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर देगा।
पिता को भेजा वीडियो: जब आरोपी की बेशर्मी ने पार की सीमाएं
महीनों तक चले इस मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के बीच 22 मार्च का दिन पीड़िता के परिवार के लिए किसी काले साये जैसा था। आरोपी फराज ने अपनी धमकियों को हकीकत में बदलते हुए युवती के पिता और उसके कुछ परिचितों के मोबाइल पर वह अश्लील वीडियो भेज दिया। वीडियो भेजने के बाद शातिर दिमाग फराज ने तुरंत उसे ‘डिलीट फॉर एवरीवन’ कर दिया और उसके स्क्रीनशॉट ले लिए। उसने पीड़िता को ये स्क्रीनशॉट भेजकर डराया कि अगर उसने पुलिस के पास जाने की हिम्मत की, तो वह पूरे परिवार को समाज में बदनाम कर देगा और उसे जान से मार देगा। आरोपी को लगा था कि लोक-लाज के डर से परिवार चुप बैठ जाएगा, लेकिन यहीं उससे बड़ी चूक हो गई।
पुलिस का शिकंजा और आरोपी की गिरफ्तारी
लगातार मिल रही धमकियों और बदनामी के डर से उबरकर पीड़िता और उसके परिजनों ने न्याय का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया। जानकीपुरम थाने के इंस्पेक्टर विनोद कुमार तिवारी ने बताया कि जैसे ही मामला उनके संज्ञान में आया, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए बृहस्पतिवार को एफआईआर दर्ज की। पुलिस ने सर्विलांस और मुखबिर की मदद से आरोपी की घेराबंदी शुरू की। आखिरकार, शुक्रवार को सलीम तिराहे के पास से पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी मोहम्मद फराज को दबोच लिया। पुलिस ने आरोपी का मोबाइल भी जब्त किया है, जिसमें ब्लैकमेलिंग से जुड़े साक्ष्य मिलने की उम्मीद है। फिलहाल आरोपी को जेल भेज दिया गया है और पुलिस इस मामले के अन्य पहलुओं की गहनता से जांच कर रही है।
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