कानपुर के गुजैनी इलाके में एक दलित परिवार के घर के अंदर बने मंदिर के पास कथित तौर पर मजार बनाए जाने को लेकर विवाद सामने आया है। पीड़ित सोनू जाटव का आरोप है कि करीब दो साल पहले उसने शिबू खान से 40 हजार रुपये में जमीन खरीदी थी। इसके बाद उसने वहां कमरा बनाकर पत्नी और तीन बच्चों के साथ रहना शुरू किया। सोनू का दावा है कि कुछ समय बाद उसके घर में बने छोटे मंदिर के ठीक बगल में मजार बना दी गई। उसने जब इसे हटाने की बात कही तो कथित तौर पर उसे धमकाया गया। परिवार ने आरोप लगाया है कि उन पर धर्म बदलने का दबाव भी बनाया गया। इन आरोपों की पुलिस जांच कर रही है।
पत्नी को बुर्का पहनाने का भी लगाया आरोप
सोनू के मुताबिक, मंदिर और मजार को लेकर विवाद धीरे-धीरे बढ़ता गया। उसका आरोप है कि मजार हटाने की मांग करने पर उसे विवाद बढ़ने की चेतावनी दी गई। परिवार ने यह भी दावा किया कि उसकी पत्नी रीता पर बुर्का पहनने का दबाव बनाया गया। सोमवार रात मामला उस समय और बिगड़ गया, जब सोनू ने शिबू खान और उसके साथियों पर घर में घुसकर मारपीट करने का आरोप लगाया। सोनू का कहना है कि इस दौरान उसके साथ पत्नी और बच्चों से भी मारपीट की गई। घटना के बाद परिवार पुलिस के पास पहुंचा और पूरी शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, धर्मांतरण के दबाव समेत लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
शिकायत के बाद थाने पहुंचीं हिंदू संगठन से जुड़े लोग
पीड़ित का आरोप है कि शुरुआत में शिकायत लेकर पहुंचने पर उसे तत्काल कार्रवाई की जगह मामला शांत रखने की सलाह दी गई। सोनू के मुताबिक, एक दरोगा ने उससे मजार को न तोड़ने और विवाद को शांत करने की बात कही। इसके बाद उसने हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों को मामले की जानकारी दी। बजरंग दल समेत कुछ कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और परिवार से जानकारी लेने के बाद थाने पहुंचे। वहां मामले को लेकर हंगामा हुआ। विवाद बढ़ने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया। पुलिस ने सोनू की शिकायत के आधार पर कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है।
एक आरोपी गिरफ्तार, दरोगा निलंबित
पुलिस के मुताबिक, मामले में समीम खान, वसीम, रीबू, शिबू, फुरखान, सोहेल खान और सुमित के नाम सामने आए हैं। पुलिस ने शिबू को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि चार अन्य संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। DCP दीपेंद्र नाथ चौधरी के अनुसार, मामले में एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है। शिकायत पर शुरुआती कार्रवाई में लापरवाही के आरोपों के बाद एक दरोगा को निलंबित कर दिया गया है और चौकी इंचार्ज की भूमिका की जांच के निर्देश दिए गए हैं। सोनू ने जन्माष्टमी के दिन घर में पूजा के दौरान मजार पर चादर चढ़ाने का भी आरोप लगाया है। पुलिस अब मजार कब और किसने बनाई, मारपीट और धर्मांतरण के दबाव से जुड़े आरोपों समेत पूरे मामले की जांच कर रही है।
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