उत्तर प्रदेश में साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारियों के चक्रव्यूह को रचना शुरू कर दिया है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि पार्टी अब केवल कागजी बैठकों तक सीमित न रहकर सीधे जमीन पर उतरने की पूरी तैयारी कर चुकी है। इसी रणनीति के तहत बीजेपी ने अपने राष्ट्रीय महासचिव और यूपी प्रभारी विनोद तावड़े को राज्य की कमान सौंपी है, जो अब जल्द ही अपनी कार्यशैली से विरोधियों की नींद उड़ाने के लिए तैयार दिख रहे हैं।
लखनऊ में नया आशियाना और ताबड़तोड़ दौरे
गणपति उत्सव के ठीक बाद पार्टी के यूपी प्रभारी विनोद तावड़े स्थायी रूप से लखनऊ में ही डेरा डालने जा रहे हैं। चुनावी तैयारियों को धार देने के लिए उनके रहने वास्ते राजधानी में एक नए आवास की तलाश तेजी से चल रही है। अपने इस लखनऊ प्रवास के दौरान वह 16 से सितंबर से 22 सितंबर तक प्रदेश के तीन प्रमुख क्षेत्रों के लगभग 15 जिलों का तूफानी दौरा करेंगे। इस दौरान वह न सिर्फ जमीनी फीडबैक लेंगे, बल्कि स्थानीय पदाधिकारियों के साथ बैठक कर चुनावी रणनीति की हर नस टटोलेंगे।
दिल्ली के चक्कर काटने वालों को दो टूक संदेश
टिकट पाने की चाहत में दिल्ली दरबार में हाजिरी लगाने वाले नेताओं के लिए विनोद तावड़े ने बेहद सख्त और स्पष्ट संदेश जारी कर दिया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि जो नेता टिकट के लिए दिल्ली के चक्कर काटेंगे, उनका रिपोर्ट कार्ड खराब माना जाएगा। तावड़े का सीधा और दो टूक फार्मूला है— ‘दिल्ली आए तो नंबर कम, बूथ पर दिखे तो नंबर ज्यादा।’ इस कड़े निर्देश के बाद से उन नेताओं की सांसें अटक गई हैं जो सिर्फ हवा हवाई जुगत में रहते थे और जमीन से कटे हुए थे।
जमीनी कार्यकर्ताओं को तरजीह और सोशल इंजीनियरिंग
बीजेपी इस बार लोकसभा चुनाव 2024 के परिणामों से सबक लेते हुए विधानसभा चुनाव में कोई भी कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहती है। पार्टी का पूरा फोकस इस बात पर है कि टिकट वितरण में सिर्फ सिफारिशों को नहीं, बल्कि बूथ स्तर पर सक्रियता और जनता के बीच मजबूत पकड़ को मुख्य आधार बनाया जाए। इसके चलते कई सीटों पर नए और ऊर्जावान चेहरों को मौका मिलने की पूरी उम्मीद है, जिससे पार्टी राज्य की सत्ता पर अपनी पकड़ फिर से मजबूत कर सके।
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