Lucknow News: राजधानी लखनऊ के मोहनलालगंज स्थित रायपुर भदेशवा गांव में उस समय हड़कंप मच गया, जब एक सामान्य से घर के भीतर चल रही रहस्यमयी प्रार्थना सभा पर स्थानीय हिंदू संगठनों की नजर पड़ी। बजरंग दल और श्रीराम सनातन सेवा समिति के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि बीमारी ठीक करने, नौकरी दिलाने और आर्थिक मदद के नाम पर गरीब और भोले-भाले ग्रामीणों को बहलाया-फुसलाया जा रहा था। देखते ही देखते मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और जमकर नारेबाजी शुरू हो गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थिति को संभाला और वहां मौजूद पादरी चंद्रिका प्रसाद समेत कई अन्य लोगों को अपनी हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी।
दो बकरी और पानी की टंकी का सच
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब तलाशी के दौरान पुलिस और हिंदू संगठनों को मौके से कुछ धार्मिक साहित्य के साथ एक खास डायरी मिली। दावा किया जा रहा है कि इस डायरी में बेहद अजीबोगरीब लालच का लेखा-जोखा मौजूद था। इसमें ग्रामीणों को ईसाई धर्म अपनाने के बदले दो बकरियां देने और घर में पानी की पक्की टंकी बनवाने तक के लिखित वादे का जिक्र मिला है। इसके अलावा, कार्यकर्ताओं का यह भी गंभीर आरोप है कि पादरी जानबूझकर अपना हिंदू नाम इस्तेमाल कर रहा था ताकि गांव के साधारण लोगों को उस पर कोई शक न हो और वह आसानी से उन्हें अपने प्रभाव में ले सके।
पुलिस की जांच और प्रशासनिक हलचल
शुरुआती पुलिस जांच में प्रार्थना सभा में शामिल लोगों ने अपनी मर्जी से वहां आने की बात कही है। थाना प्रभारी के अनुसार, यह स्थान साल 2009-10 से संचालित हो रहा है और घटना के समय वहां सीमित संख्या में लोग मौजूद थे। चूंकि अभी तक किसी पीड़ित ने लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई है, इसलिए पुलिस हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। वहीं दूसरी ओर, इस घटना के बाद अखिल भारत हिंदू महासभा ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर प्रदेश में बिना अनुमति चल रही ‘चंगाई सभाओं’ पर तुरंत रोक लगाने और राज्य में धर्मांतरण के खिलाफ और अधिक कठोर कानूनी कदम उठाने की मांग की है।
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