Prashant Kishor News: जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने 11 अगस्त 2026 को युवाओं और शिक्षा को लेकर बड़ा ऐलान किया। शहीद राम गोविंद सिंह गर्ल्स हाई स्कूल के दौरे के दौरान उन्होंने लोगों से बातचीत की और कहा कि बेरोजगार युवाओं की मदद के लिए उनकी टीम काम करेगी। प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने दावा किया कि कम से कम 10 हजार युवाओं को नौकरी दिलाने की व्यवस्था की जाएगी। उन्होंने बेरोजगार युवाओं से अपना सीवी लेकर जन सुराज के कार्यालय में जमा करने को कहा। उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब उनके चुनाव जीतने के बाद उनके अगले कदम को लेकर लगातार चर्चा हो रही है।
जीत के बाद क्षेत्र में पहुंचे प्रशांत किशोर, बोले- घूम नहीं रहा, आपका काम कर रहा हूं
प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने अपने दौरे के दौरान उन लोगों को भी जवाब दिया, जो उनके जीतने के बाद कुछ दिनों तक नजर नहीं आने को लेकर सवाल उठा रहे थे। उन्होंने कहा कि कुछ लोग यह पूछ रहे हैं कि जीतने के बाद पांच-सात दिनों से वह कहां घूम रहे हैं। प्रशांत किशोर ने कहा कि वह कहीं घूम नहीं रहे हैं, बल्कि लोगों का काम करने और उनसे मिलने आए हैं। उन्होंने कहा कि अभी नई जिम्मेदारी संभाले कुछ ही दिन हुए हैं और आने वाले दिनों में काम शुरू होगा। उन्होंने लोगों से घबराने के बजाय उन्हें एक साल का समय देने की अपील की। उनका कहना था कि जनता जिन समस्याओं को बता रही है, उनमें से ज्यादातर मामलों में आने वाले समय में बदलाव दिखाई देने की कोशिश की जाएगी।
बेरोजगार युवाओं से कहा- CV लेकर ऑफिस आएं
युवाओं से जुड़ी समस्या का जिक्र करते हुए प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने कहा कि क्षेत्र में कई ऐसे परिवार हैं, जिनके बच्चे पढ़ाई पूरी करने के बाद भी बेरोजगार घूम रहे हैं। उन्होंने ऐसे युवाओं से अपना CV लेकर जन सुराज के कार्यालय में जमा करने को कहा। प्रशांत किशोर के मुताबिक, उनकी टीम कम से कम 10 हजार युवाओं को नौकरी दिलाने की व्यवस्था करने की कोशिश करेगी। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि इन नौकरियों के लिए कौन-कौन सी कंपनियां या संस्थान शामिल होंगे और किस क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। ऐसे में 10 हजार युवाओं को रोजगार दिलाने का यह ऐलान आने वाले समय में किस रूप में लागू होता है, इस पर नजर रहेगी।
सरकारी स्कूल को लेकर भी किया बड़ा दावा
प्रशांत किशोर (Prashant Kishor) ने शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि उन्होंने लोगों से पहले ही वादा किया था कि एक साल के भीतर सरकारी विद्यालय की स्थिति बेहतर करने की दिशा में काम किया जाएगा। उनका कहना था कि अगर सरकारी स्कूल बेहतर नहीं हुआ तो बच्चों की पढ़ाई के लिए वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि ऐसी स्थिति में प्राइवेट स्कूल में बच्चे का दाखिला कराने की जिम्मेदारी उनकी ओर से उठाई जाएगी और परिवार को पढ़ाई का खर्च नहीं देना पड़ेगा। प्रशांत किशोर ने कहा कि जनता ने उन्हें मौका दिया है और अब उनकी जिम्मेदारी है कि लोगों की समस्याओं पर काम किया जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आने वाले एक साल में शिक्षा, रोजगार और स्थानीय समस्याओं के मोर्चे पर लोगों को बदलाव देखने को मिल सकता है।
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