UP News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से पुलिस की कार्यशैली को लेकर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है। यहां दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में तीन युवकों के साथ कथित मारपीट का आरोप पुलिस पर लगाया गया है। आरोप है कि पुलिस हिरासत में युवकों को इतनी बेरहमी से पीटा गया कि उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। अस्पताल में भर्ती युवकों के शरीर पर चोट के निशान दिखने के बाद मामला तेजी से चर्चा में आ गया। घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विपक्षी दलों ने भी मामले को उठाया है। हालांकि पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जमीन विवाद और घरेलू झगड़े के बाद पुलिस कार्रवाई पर सवाल
पहला मामला गोरखपुर के तिवारीपुर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, जमीन की पैमाइश को लेकर हुए विवाद के बाद पुलिस युवक विवेक यादव उर्फ चंदन को चौकी ले गई। परिजनों का आरोप है कि चौकी और बाद में थाने में उसके साथ मारपीट की गई। उनका कहना है कि युवक को रातभर डंडों से पीटा गया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। बाद में उसे कानूनी कार्रवाई के तहत भेजा गया, लेकिन तबीयत खराब होने पर परिवार उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां उसका इलाज जारी है। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
दूसरे मामले में भी थाने में पिटाई का आरोप
दूसरा मामला पिपराइच थाना क्षेत्र का है। यहां शाहरुख और उसके बहनोई अब्दुल रहीम के बीच घरेलू विवाद होने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को थाने ले गई। पीड़ितों का आरोप है कि थाने में पूछताछ के दौरान उनके साथ मारपीट की गई। अब्दुल रहीम की हालत बिगड़ने पर उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जबकि शाहरुख ने अधिकारियों से शिकायत की है। दोनों परिवारों का कहना है कि पुलिस को कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई करनी चाहिए थी। इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भी नाराजगी देखने को मिल रही है और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है।
एसएसपी से मिला प्रतिनिधिमंडल, जांच के बाद कार्रवाई का आश्वासन
मामले ने तूल पकड़ने के बाद समाजवादी पार्टी का एक प्रतिनिधिमंडल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से मिला और दोनों मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग की। प्रतिनिधिमंडल का कहना है कि यदि पुलिसकर्मियों ने अधिकारों का दुरुपयोग किया है तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। एसएसपी ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए दोनों घटनाओं की जांच कराने का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी भी पुलिसकर्मी की गलती सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।
