बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन और अभिनेता Rajpal Yadav एक बार फिर अपने चर्चित चेक बाउंस केस को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं। 5 करोड़ रुपये के इस मामले में फिलहाल उन्हें अंतरिम जमानत मिली हुई है, लेकिन अब अभिनेता ने पूरे विवाद पर खुलकर अपनी बात रखी है। हाल ही में दिए गए एक इंटरव्यू में राजपाल यादव ने कहा कि इस केस को जिस तरह पेश किया गया, उससे लोगों के बीच गलत संदेश गया। अभिनेता का कहना है कि यह कोई धोखाधड़ी या घोटाले का मामला नहीं था, बल्कि एक फिल्म प्रोजेक्ट में हुए निवेश और आर्थिक लेन-देन से जुड़ा विवाद था। उन्होंने यह भी कहा कि करोड़ों की रकम को लेकर बनाई गई सनसनी ने न सिर्फ उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया, बल्कि फिल्म और उससे जुड़े कई लोगों का भविष्य भी प्रभावित हुआ।
फिल्म प्रोजेक्ट से जुड़ा था पूरा मामला
राजपाल यादव ने बातचीत के दौरान कहा कि जिस रकम को लेकर इतना बड़ा विवाद खड़ा हुआ, वह असल में एक फिल्म प्रोजेक्ट का हिस्सा थी। उनके मुताबिक उस फिल्म की कुल लागत करीब 22 करोड़ रुपये थी और इसमें कई निवेशकों का पैसा लगा हुआ था। अभिनेता ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में इस तरह के बड़े निवेश आम बात हैं और हर फिल्म कई लोगों की मेहनत और पूंजी से बनती है। उन्होंने यह भी कहा कि 5 करोड़ रुपये को जिस तरह प्रचारित किया गया, उससे ऐसा माहौल बना दिया गया जैसे कोई बहुत बड़ा आर्थिक घोटाला हुआ हो। राजपाल यादव ने दावा किया कि उनके पास इस मामले से जुड़े सभी कानूनी दस्तावेज मौजूद हैं और पूरा मामला अदालत में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि अदालत का फैसला आने से पहले किसी को भी इसे धोखाधड़ी बताना सही नहीं होगा।
‘500 करोड़ होते तो शायद लोग समझते बड़ा घोटाला’
इंटरव्यू में राजपाल यादव ने अपने अंदाज में इस विवाद पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अगर मामला 500 या 5000 करोड़ रुपये का होता तो शायद लोग इसे बहुत बड़ा वित्तीय घोटाला मानते। अभिनेता ने कहा कि 5 करोड़ रुपये को लेकर जिस तरह की सुर्खियां बनाई गईं, उससे उनकी फिल्म की रिलीज तक प्रभावित हो गई। उन्होंने बताया कि फिल्म को लगभग 1000 सिनेमाघरों में रिलीज करने की तैयारी थी और इस प्रोजेक्ट से करीब 200 कलाकारों और हजारों जूनियर आर्टिस्ट्स का काम जुड़ा हुआ था। लेकिन कानूनी विवाद और नकारात्मक खबरों की वजह से पूरा प्रोजेक्ट प्रभावित हुआ। राजपाल यादव ने फिल्म निर्माण को चाय बनाने की प्रक्रिया से जोड़ते हुए कहा कि जैसे चाय कई चीजों को मिलाकर बनती है, वैसे ही एक फिल्म भी कई लोगों की मेहनत और सहयोग से तैयार होती है। अकेला कोई एक व्यक्ति पूरी फिल्म नहीं बना सकता।
संघर्ष याद कर बोले- ‘पैसे नहीं, लोगों का प्यार कमाना था’
राजपाल यादव ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए कहा कि वह किसान परिवार से आते हैं और उनका जीवन बेहद साधारण माहौल में बीता है। अभिनेता ने कहा कि वह सिर्फ पैसा कमाने के लिए फिल्म इंडस्ट्री में नहीं आए थे। उनका सपना लोगों का मनोरंजन करना और अपनी कला के जरिए पहचान बनाना था। उन्होंने कहा कि कलाकार की सबसे बड़ी कमाई लोगों का प्यार और सम्मान होता है। राजपाल यादव के मुताबिक, जिंदगी में बैंक बैलेंस से ज्यादा जरूरी वह पहचान है जो दर्शकों की तालियों और प्यार से मिलती है। अभिनेता ने यह भी कहा कि उन्हें भारतीय न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है और अदालत जो भी फैसला देगी, वह उसका सम्मान करेंगे। फिलहाल उनके इस नए बयान के बाद एक बार फिर यह मामला चर्चा का विषय बन गया है और सोशल मीडिया पर भी लोग अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
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