Homeराजनीतिमायावती ने 2027 चुनाव से पहले चली बड़ी चाल! 75 जिलों के...

मायावती ने 2027 चुनाव से पहले चली बड़ी चाल! 75 जिलों के नेताओं को दिया नया टारगेट, बैलट पेपर पर भी उठाई मांग

मायावती ने लखनऊ में 75 जिलों के बसपा जिलाध्यक्षों के साथ बैठक की। 2027 चुनाव की तैयारी, ईवीएम पर सवाल, बैलट पेपर की मांग और 6 दिसंबर की रैली को लेकर जानिए बड़े फैसले।

-

Mayawati News: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर बहुजन समाज पार्टी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। बसपा प्रमुख मायावती (Mayawati) ने लखनऊ में प्रदेश के सभी 75 जिलों के जिलाध्यक्षों और पार्टी पदाधिकारियों के साथ अहम बैठक की। इस दौरान संगठन को मजबूत बनाने से लेकर चुनावी रणनीति तक कई मुद्दों पर चर्चा हुई। मायावती ने ईवीएम से चुनाव कराने पर सवाल उठाते हुए बैलट पेपर से मतदान कराने की मांग भी उठाई। बैठक में मायावती को पांचवीं बार उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लिया गया।

2027 चुनाव के लिए मायावती ने बनाया खास प्लान

लखनऊ में आयोजित इस बैठक में मायावती (Mayawati) ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों में अभी से जुटने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पार्टी को केवल जिला स्तर पर ही नहीं, बल्कि गांव और बूथ स्तर तक मजबूत बनाना होगा। सभी 75 जिलों में संगठन को सक्रिय करने और जनता के बीच बसपा की नीतियों को पहुंचाने पर जोर दिया गया। बैठक में अच्छे उम्मीदवारों के चयन की रणनीति पर भी चर्चा हुई। मायावती (Mayawati) ने बहुजन समाज के साथ-साथ सर्वसमाज को जोड़ने की जरूरत बताई, ताकि आगामी चुनाव में पार्टी को मजबूत जनसमर्थन मिल सके।

- Advertisement -

ईवीएम पर उठाए सवाल, बैलट पेपर से चुनाव कराने की मांग

बैठक के दौरान मायावती (Mayawati) ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने ईवीएम के इस्तेमाल पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि इसके जरिए चुनाव प्रभावित किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि पहले कमजोर और वंचित वर्ग के लोगों को डराकर उनके वोट हासिल किए जाते थे, जबकि अब चुनावी प्रक्रिया में नई तरह की गड़बड़ियों की आशंका है। मायावती (Mayawati) ने मांग की कि देश में चुनाव बैलट पेपर के माध्यम से कराए जाने चाहिए। उन्होंने इस मुद्दे पर मौजूदा सरकार के साथ कांग्रेस को भी निशाने पर लिया।

बेरोजगारी और पेपर लीक पर सरकार को घेरा

बसपा प्रमुख ने युवाओं से जुड़े मुद्दों को भी बैठक में प्रमुखता से उठाया। उन्होंने देश में बढ़ती बेरोजगारी, अशिक्षा और सरकारी भर्तियों में पेपर लीक की घटनाओं पर चिंता जताई। मायावती (Mayawati) का कहना था कि इन समस्याओं के कारण युवाओं में नाराजगी बढ़ रही है। उन्होंने जेन-जी आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि युवाओं ने कई जरूरी मुद्दों को नई दिशा दी है, लेकिन सरकार उनकी आवाज दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने संकेत दिया कि युवाओं की समस्याओं को नजरअंदाज करना सरकार के लिए आसान नहीं होगा।

6 दिसंबर को आंबेडकर परिनिर्वाण दिवस पर होगी बड़ी रैली

बैठक में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर के परिनिर्वाण दिवस यानी 6 दिसंबर को होने वाली रैली को लेकर भी चर्चा हुई। पार्टी इस कार्यक्रम के जरिए अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं को एकजुट करने की तैयारी में है। मायावती (Mayawati) ने पदाधिकारियों को मीडिया में चलने वाले फर्जी सर्वे और भ्रामक प्रचार से दूर रहने की सलाह दी। साथ ही संगठन की गतिविधियों पर ध्यान देने और जनता के बीच सक्रिय रहने को कहा। अब देखना होगा कि बसपा की यह रणनीति 2027 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को कितनी मजबूती देती है।

Read More-विपक्ष ने PM मोदी को डिबेट के लिए किया चैलेंज तो अमित शाह ने दिया जवाब, चुनौती देते हुए कहा ‘अरे मैं आपको…’

- Advertisement -

Related articles

Leave a reply

Please enter your comment!
Please enter your name here

Latest posts