दिल्ली में जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शन का मामला एक बार फिर चर्चा में आ गया है। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को पूछताछ के लिए बुलाया है। दोनों नेता तय समय के आसपास राजौरी गार्डन स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय पहुंचे। जानकारी के मुताबिक, पुलिस दोपहर 12 बजे से उनसे पूछताछ करने वाली थी। इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में भी मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि जंतर-मंतर पर हुए घटनाक्रम के दौरान किन नियमों का उल्लंघन किया गया और इसमें दोनों नेताओं की क्या भूमिका थी।
तीन आरोपों पर पुलिस की जांच, इन सवालों के जवाब तलाश रही क्राइम ब्रांच
क्राइम ब्रांच इस मामले में मुख्य रूप से तीन बिंदुओं पर जांच कर रही है। इनमें सरकारी आदेशों का पालन नहीं करना, बिना अनुमति जंतर-मंतर पहुंचकर प्रदर्शन करना और दूसरे की संपत्ति में अनधिकृत प्रवेश करना शामिल है। पुलिस पूछताछ के दौरान दोनों नेताओं से घटना से जुड़ी परिस्थितियों और उनकी भूमिका को लेकर सवाल कर सकती है। इससे पहले अक्टूबर में भी दोनों को पूछताछ के लिए समन भेजा गया था, लेकिन वे निर्धारित समय पर पेश नहीं हुए थे। इसके बाद उन्होंने पुलिस से पूछताछ के लिए अतिरिक्त समय मांगा था। अब दोनों के क्राइम ब्रांच कार्यालय पहुंचने के बाद मामले की जांच आगे बढ़ने की उम्मीद है।
#WATCH | Delhi: CJP leaders Saurabh Das and Ashutosh Ranka reach the Crime Branch office in Rajouri Garden after they were summoned by the agency to join the investigation. https://t.co/O4RcJJM4qy
— ANI (@ANI) November 5, 2026
13 अक्टूबर के प्रदर्शन से जुड़ा है पूरा मामला, 14 लोगों को लिया गया था हिरासत में
दरअसल, यह पूरा विवाद 13 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए विरोध-प्रदर्शन से जुड़ा है। आरोप है कि CJP नेता सौरव दास, आशुतोष रांका और अजिंक्य शिंदे समेत कुल 14 लोग बिना अनुमति जंतर-मंतर पहुंच गए थे। इसके बाद दिल्ली पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया था। बाद में अजिंक्य शिंदे को शांति बनाए रखने से जुड़े बॉन्ड पर हस्ताक्षर कराने के बाद रिहा कर दिया गया। वहीं, सौरव दास और आशुतोष रांका को न्यायिक हिरासत में भेजा गया था। इस घटना के बाद विरोध-प्रदर्शन से जुड़े मामलों की जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई थी।
एक सप्ताह बाद मिली थी जमानत, अब पूछताछ में पुलिस को मिल सकते हैं अहम जवाब
सौरव दास और आशुतोष रांका करीब एक सप्ताह तक न्यायिक हिरासत में रहे। इसके बाद 21 अक्टूबर को दोनों को 50-50 हजार रुपये के जमानत बॉन्ड पर रिहा किया गया था। रिहाई के दौरान दोनों को विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट के सामने लिखित आश्वासन भी देना पड़ा था। उन्होंने शांति बनाए रखने और जंतर-मंतर पर तब तक प्रदर्शन का आह्वान नहीं करने की बात कही थी, जब तक वहां कानून के अनुसार दोबारा विरोध-प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिल जाती। अब क्राइम ब्रांच की पूछताछ में इस पूरे घटनाक्रम से जुड़े कई पहलुओं पर जानकारी जुटाई जा सकती है। फिलहाल पुलिस की जांच और दोनों नेताओं से होने वाली पूछताछ पर सबकी नजर बनी हुई है।
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