Gorakhpur BJP Padyatra: उत्तर प्रदेश की सियासत में एक बार फिर राजनीतिक हलचल तेज होने वाली है। कांग्रेस की रैली के बाद अब भाजपा भी अपनी ताकत दिखाने की तैयारी में जुट गई है। पार्टी ने प्रदेशभर में तीन दिवसीय ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा निकालने का फैसला किया है। इस अभियान के तहत 4 नवंबर को गोरखपुर में बड़ा कार्यक्रम आयोजित होगा। खास बात यह है कि इस पदयात्रा का नेतृत्व भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इसमें शामिल होंगे। भाजपा ने इस आयोजन के लिए करीब 40 हजार कार्यकर्ताओं और आम लोगों को जोड़ने का लक्ष्य रखा है। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा इस कार्यक्रम के जरिए विपक्ष को क्या संदेश देना चाहती है और इसका आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर कितना असर पड़ेगा।
राहुल गांधी की रैली के बाद भाजपा का जवाब
भाजपा की ओर से प्रस्तावित इस पदयात्रा को विपक्ष के आरोपों के जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दल संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाकर लोगों के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। इसी के विरोध में भाजपा ने प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में तीन दिन तक शांति पदयात्रा निकालने की योजना बनाई है। अभियान का नाम ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ रखा गया है। गोरखपुर में 4 नवंबर को होने वाले मुख्य आयोजन में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी रहेगी। भाजपा इस कार्यक्रम को बड़े जनसंपर्क अभियान के रूप में तैयार कर रही है। पार्टी की कोशिश है कि पदयात्रा के माध्यम से आम लोगों तक अपना राजनीतिक संदेश पहुंचाया जाए।
40 हजार लोगों को जुटाने की तैयारी
गोरखपुर में होने वाली पदयात्रा को सफल बनाने के लिए भाजपा ने संगठन स्तर पर तैयारियां तेज कर दी हैं। रविवार को पार्टी के क्षेत्रीय कार्यालय में हुई बैठक में गोरखपुर क्षेत्र के सभी 12 जिलों के पदाधिकारी, सांसद और विधायक शामिल हुए। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने तैयारियों की समीक्षा की और कार्यकर्ताओं को अभियान में अधिक से अधिक लोगों को जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मंडल, बूथ और घर तक पहुंचकर लोगों को कार्यक्रम से जोड़ने का प्रयास किया जाना चाहिए। प्रदेश महामंत्री और यात्रा प्रभारी दिलीप पटेल के मुताबिक, सभी 12 जिलों में तैयारियां अंतिम चरण में हैं। वहीं क्षेत्रीय अध्यक्ष विनोद राय ने कहा कि यह पदयात्रा लोकतांत्रिक प्रक्रिया और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों का जवाब देने का माध्यम बनेगी।
कांग्रेस की रैली पर पंकज चौधरी का निशाना
रविवार को एनेक्सी भवन में पत्रकारों से बातचीत के दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कांग्रेस और विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र का मतलब सिर्फ चुनाव में जीत हासिल करना नहीं है, बल्कि संविधान और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करना भी जरूरी है। कांग्रेस की रैली का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि आयोजकों ने 10 लाख लोगों के पहुंचने की बात कही थी, लेकिन उनके आकलन के मुताबिक वहां केवल 25 से 30 हजार लोग ही पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष कुछ लोगों को दिल्ली में इकट्ठा करके पूरे देश का समर्थन मिलने का संदेश देने की कोशिश कर रहा है। भाजपा का दावा है कि उसकी पदयात्रा के जरिए जनता को संवैधानिक व्यवस्था और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति विश्वास बनाए रखने का संदेश दिया जाएगा।
अखिलेश यादव के बयान पर भी भाजपा का पलटवार
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के उत्तर प्रदेश में भाजपा की राजनीतिक जमीन नहीं होने वाले बयान पर भी पंकज चौधरी ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में किस पार्टी की कितनी राजनीतिक पकड़ है, इसका फैसला जनता करेगी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में चल रही केंद्र सरकार की योजनाओं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में हुए विकास कार्यों का जिक्र किया। उन्होंने कानून-व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं में सुधार को सरकार की उपलब्धि बताते हुए दावा किया कि भाजपा 2027 के विधानसभा चुनाव में फिर जीत दर्ज करेगी। पार्टी का लक्ष्य लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी करना है। अब सबकी नजर 4 नवंबर को गोरखपुर में होने वाली पदयात्रा पर है। यह देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा का यह शक्ति प्रदर्शन विपक्षी दलों के बीच किस तरह की राजनीतिक प्रतिक्रिया पैदा करता है।
